ग्रीन आर्मी का धमतरी में शुभारंभ, लोगों ने ली सदस्यता व किया शपथ ग्रहण

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर
ग्रीन आर्मी विगत् 6 वर्षो से राजधानी रायपुर में पर्यावरण संरक्षण एवं संर्वधन के लिये कार्य कर रही है। दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, धमतरी, कटघोरा, कोरबा, रायगढ़ के साथ ही अन्य जिलों से भी वृक्षों की कटाई, तालबों की बबार्दी, प्रतिबंधित पॉलीथिन का उपयोग संबंधित सूचना एवं शिकायत स्थानीय निवासियों द्वारा लगातार प्राप्त हो रही थी जिसके रोक के लिये लोग संस्था से जुडकर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिये कार्य करना चाह रहे थे। इन्ही सब परिस्थतियों को ध्यान मे रखते हुए संस्था रायपुर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के सभी जिलो में अपना कार्य प्रारंभ कर रही है जिसकी शुरूवात आज ग्रीनआर्मी धमतरी से किया गया। धमतरी जिले में पर्यावरण संरक्षण एवं सवंर्धन हेतु  कार्य करने के लिये धमतरी जिला के लोगों ने ग्रीन आर्मी में सदस्यता प्राप्त किया जिसका शपथ ग्रहण का आयोजन रिलायंस इस्टीटयूट आफ नर्सिगं कालेज लिमतरा धमतरी में संपन्न हुआ। संस्था के संस्थापक अमिताभ दुबे जी शपथ अधिकारी के रूप में मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

रिलायंस इस्टीटयूट आफ नर्सिगं कालेज लिमतरा से लगभग 150  छात्र-छा़त्राओं ने अपनी सहभागीता दर्ज कराई। इस दौरान कॉलेज प्रार्चाय डेजी मेडम मुख्य रूप से उपस्थित रहे। धमतरी नर्सीग कालेज के बच्चों ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण सभी वर्ग के लिये आवश्यक है इंसान हो या जिव-जन्तु, सभी के लिये पर्यावरण की आवश्यकता  है। पर्यावरण के बिना जिवन का कल्पना भी नही किया जा सकता, अत: इसका संरक्षण एवं सवंर्धन हमारा प्रमुख दायित्व है, तथा  जिसकी शुरूवात  छा़त्र-छात्रओं, कालेज प्रबंधक तथा स्थानिय निवासीयों द्वारा वृक्षारोपण कर किया गया । ग्रीन आर्मी संस्था के अध्यक्ष एन. आर. नायडू ने कहा कि धमतरी में जब-जब पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन, की बात आयेगी, संस्था तत्काल सुविधा मुहैया करवायेगी एवं सदस्यगण स्वयं उपस्थित एवं मार्गदर्शन देते रहेगे।

श्रीमती हरदीप कौर ने कहा हम वृक्षारोपण के साथ उनका संरक्षण को भी विशेष महत्व देते है लोग पेड़ लगा तो लेते है किन्तु उनका संरक्षण नही कर पाते, हमारी संस्था पेड़ लगाने के पूर्व उनके सुरक्षा व्यवस्था हेतु  कुछ औपचारिकतायें भी पूरी करती है जिसके पश्चात ही वृक्ष लगाये जाते है। कार्यक्रम के दौरान रवि ठाकुर जी ने पर्यावरण संरक्षण हेतु अधिक से अधिक लोगों को इस मुहीम से जोडने हेतू अपील किया और कहा छत्तीसगढ का पहचान तो  वृक्ष, नदी, तालबा, जंगल ही है। एल.के.शर्मा पृथ्वी एक मात्र घर है जो मनुष्य के पास है और यह हमें हवा, पानी, भोजन अन्य जरूरते प्रदान करती है इसका विनाश अर्थात स्वयं का सर्वनाश है।

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