बांका
श्रावणी मेला 2022 की शुरुआत गुरुवार से हो रही है। इस दौरान कांवरिये भागलपुर के सुल्तानगंज से गंगा जल लेकर बाबा धाम देवघर जाएंगे। बिहार के भागलपुर, बांका समेत अन्य जिलों में मेले को लेकर खासी तैयारियां की गई हैं। डाक बम जाने वाले कांवरियों के लिए विशेष सुविधा रखी गई है। उनके निर्गत पास को रास्ते में दो जगह बदला जाएगा। ताकि फर्जी डाक बमों पर रोक लगाई जा सके।
बांका जिला क्षेत्र के कांवरिया पथ में डाक बम जाने वाले कांवरियों को दो बार निर्गत पास का नवीनीकरण कराना होगा। डाक बमों को कोई परेशानी न हो और कोई भी गलत तरीके से डाक बम की सुविधा का लाभ नहीं उठा सके, इसलिए यह व्यवस्था लागू की गई है। बांका में अबरखा और हड़खाड़ सरकारी धर्मशाला में विशेष काउंटर लगाए जा रहे हैं।
डाक बम कांवरियों को मिलती है खास सुविधा
श्रावणी मेला में कांवरिये गंगाजल लेकर कांवरिया पथ से बाबा धाम देवघर जाते हैं। डाक बम वाले कांवरियों के लिए इस दौरान खास पूजा की सुविधा दी जाती है। इसके लिए भागलपुर जिला प्रशासन उन्हें सुल्तानगंज में निर्गत पास देता है। इस पास के जिए वे देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में विशेष पूजा कर सकते हैं। मगर बीते कुछ सालों में कुछ डाक कांवरिये सुल्तानगंज से पास लेकर गाड़ियों के जरिए देवघर पहुंच जाते हैं और विशेष पूजा का लाभ उठा लेते हैं। इससे पैदल जाने वाले असली डाक बम कांवरियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने पास बदलने की व्यवस्था लागू की है।
बांका में मिलेगा पीला और गुलाबी कार्ड
सुल्तानगंज से रवाना होने वाले डाक कांवरियों को निर्गत पास दिया जाएगा। बांका पहुंचने पर अबरखा सरकारी धर्मशाला में उनके निर्गत पास की जांच की जाएगी और उन्हें पीला कार्ड दिया जाएगा। इसके बाद हड़खाड़ सरकारी धर्मशाला में तैनात उनका पीला कार्ड चेक कर उन्हें गुलाबी कार्ड देंगे। इन दोनों जगहों पर 24 घंटे पास निर्गत करने की सुविधा रहेगी। इन दोनों जगहों पर मिले पास के आधार पर ही देवघर में विशेष पूजा का पास बनेगा।
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