जयपुर
जयपुर में शनिवार को हुए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण NALSA के राष्ट्रीय सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के वकीलों की महंगी फीस का मुद्दा छाया रहा। केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत ने प्राधिकरण के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में अपनी बात रखते हुए वकीलों की महंगी फीस पर चिंता जताई है।
'आम आदमी कहां से लाएगा इतने पैसे'
दरअसल, सत्र को संबोधित करते हुए किरण रिजिजू ने कहा कि अमीर लोग अच्छा वकील कर लेते हैं, पैसे देते हैं। सुप्रीम कोर्ट में कई वकील ऐसे हैं, जिन्हें आम आदमी अफोर्ड ही नहीं कर सकता है। एक-एक केस में सुनवाई के एक वकील 10 लाख, 15 लाख रुपए चार्ज करेंगे तो आम आदमी कहां से लाएगा। कोई भी कोर्ट केवल प्रभावशाली लोगों के लिए नहीं होना चाहिए। यह हमारे लिए चिंता का विषय है।
'मातृभाषा बोलने की स्वतंत्रता होनी चाहिए'
उन्होंने यह भी कहा कि न्याय का द्वार सबके लिए हमेशा बराबर खुला रहना चाहिए। रिजिजू ने अदालती कार्यवाही में इस्तेमाल की जाने वाली भाषाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने हिंदी में अपना संबोधन दिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट में तर्क और निर्णय अंग्रेजी में होते हैं। लेकिन हाईकोर्ट और निचली अदालतों में क्षेत्रीय और स्थानीय भाषाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अगर मुझे अंग्रेजी में बोलने में समस्या है तो मुझे अपनी मातृभाषा बोलने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

