प्रयागराज
साइबर शातिर ठगी का नया-नया तरीका आजमा रहे हैं। पहले कोरोना वैक्सीन के नाम पर ठगी की गई। अब बूस्टर डोज के लिए रजिस्ट्रेशन के बहाने ओटीपी जानकर ठगी कर रहे हैं। साइबर क्रिमिनलों ने कई शहरों में लोगों को निशाना बनाया है। हालात ये हो गए कि पुलिस ने बूस्टर डोज के रजिस्ट्रेशन के बहाने ठगी करने के मामले को लेकर एडवाइजरी जारी की। इसे लेकर कई गिरोह काम कर रहे हैं।
जालसाज आपके मोबाइल नंबर पर कॉल करेंगे। पढ़े लिखे युवक या युवती फोन कर कहेंगे कि सर, आपको टीके की दोनों डोज लग गई कि नहीं। आपका जवाब जो भी हो। इसके बाद कहेंगे कि बूस्टर डोज लगवाना चाहें तो हम रजिस्ट्रेशन कर दें। यदि आप उनकी बातों में उलझ गए और हां कर दी तो कहेंगे कि आपके नंबर पर एक ओटीपी आएगा, कृपया उसे बताएं। किसी और से शेयर न करें। आप ओटीपी बताएंगे तो कुछ ही देर में आपका खाता खाली हो जाएगा।
ओटीपी बताते ही 30 हजार रुपये उड़ाए
चौक के कारोबारी मो. अकरम के रिश्तेदार मो. फहीन निवासी करेली के मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने बूस्टर डोज का ऑफर दिया। पंजीकरण की कहकर ओटीपी पूछ लिया। फहीम बातों में आ गए। ओटीपी बता दी तो उनके खाते से दो बार में 15-15 हजार निकल गए। काल करने पर जवाब मिला कॉल संभव नहीं है।
साइबर ठगी में लगी एक लाख की चपत
कीडगंज इलाके की रहने वाली कृतिका सारस्वत पुत्री पवन सारस्वत ने साइबर सेल में केस दर्ज कराया है। कृतिका ने पुलिस को बताया कि उसका खाता इंडियन ओवरसीज बैंक में है। उनके नंबर पर एक कॉल आई। फोन करने वाले ने कहा कि आपके अकाउंट में रुपये भेजने हैं। कई लोगों ने उधार लिए थे, इसलिए खाता नंबर दे दिया गया। कुछ ही देर में अकाउंट से एक लाख रुपये ट्रासंफर कर लिए गए। साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

