नई दिल्ली
अग्निपथ योजना के जरिये तीनों सेनाओं में महिला अग्निवीरों की भर्ती को लेकर बड़े ऐलान तो किए गए थे, लेकिन उनके जमीन पर उतरने के आसार कम हैं। थल सेना में सबसे ज्यादा अग्निवीरों की भर्ती होनी है, लेकिन उसमें महिलाओं के लिए मौके सीमित होंगे। सिर्फ मिलिट्री पुलिस में ही सीमित संख्या में उनकी भर्ती होगी। इसके लिए भी उन्हें इंतजार करना पड़ सकता है।
सूत्रों के अनुसार, मिलिट्री पुलिस में महिला जवानों के लिए 800 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 83 जवानों की भर्ती पहले ही हो चुकी है और दूसरे चरण में मुश्किल से 100 रिक्तियां निकलने के आसार हैं। सेना के सूत्रों ने कहा कि अग्निपथ योजना के तहत महिलाओं के लिए कोई नई शाखा में प्रवेश नहीं खोला गया है, बल्कि पहले से ही स्वीकृत मिलिट्री पुलिस में ही उनकी भर्ती की जाएगी।
मिलिट्री पुलिस के लिए 2019-20 में पहली बार 100 जवानों के लिए पद निकाले गए थे, जिनमें से 83 जवानों ने पिछले साल मई में 61 सप्ताह की ट्रेनिंग पूरी कर अपनी सेवा की शुरुआत की। उसके बाद से नए बैच की भर्ती प्रक्रिया नहीं हो पाई है। सेना ने अग्निवीरों की भर्ती के लिए अभी तक 41 रैलियों का ऐलान किया है लेकिन सभी जगह पुरुष उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गए हैं।
कहां क्या तैयारी
● सेना में पहले साल में कुल 40 हजार अग्निवीरों की भर्ती होगी। महिला जवानों को मिलिट्री पुलिस का जिम्मा सौंपा गया है, जिसका मुख्य कार्य सैन्य केंद्रों में पुलिसिंग का होता है।
● नौसेना में सबसे जोखिमपूर्ण तैनात युद्धक पोतों की होती है जहां उसने महिला जवानों को तैनात करने की बात कही।
● वायुसेना अभी महिला अग्निवीरों की भर्ती को लेकर आंतरिक तैयारियां ही कर रही हैं। हालांकि- अभी जानकारी नहीं दी गई है कि कितनी महिलाओं को नियुक्ति दी जाएगी।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

