मुंबई
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे (Sanjay Pandey Arrest) को गिरफ्तार किया गया है. फोन टेपिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें अरेस्ट किया है. NSE फोन टेपिंग मामले में उन्हें अरेस्ट किया गया है. मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर (Former Mumbai Police Commissioner) को इनके अलावा कई मामलों में आरोपी बनाया गया है. आज (19 जुलाई, मंगलवार) सुबह से ही संजय पांडे से ईडी के अधिकारी पूछताछ कर रहे थे. इसी पूछताछ के बाद संजय पांडे को अरेस्ट कर लिया गया है. इससे पहले सोमवार को CBI ने संजय पांडे से पूछताछ की. सीबाआई ने संजय पांडे से परमबीर सिंह द्वारा महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए 100 करोड़ के वसूली मामले में पूछताछ की. जबकि ईडी ने उनसे एनएसई कंपनी घोटाले के मामले में पूछताछ की.
एनएसई के कर्मचारियों की कथित फोन टैपिंग मामले में सीबीआई और ईडी दोनों ने संजय पांडे के खिलाफ मामला दर्ज किया है. ईडी ने इस महीने की शुरुआत में ‘को-लॉकेशन’ घोटाला मामले में भी उनसे पूछताछ की थी.
सीबीआई और अब ईडी ने पांडे और उनकी दिल्ली स्थित कंपनी आईएसईसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड समेत एनएसई के पूर्व प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नारायण और रामकृष्ण, कार्यकारी उपाध्यक्ष रवि वाराणसी और प्रमुख (परिसर) महेश हल्दीपुर समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
ईडी को एनएसई में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच के दौरान एक फोन मिला था, जिसकी जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को दी गई. इसके बाद मंत्रालय ने सीबीआई को इन आरोपों की जांच करने को कहा था.
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि नारायण और रामकृष्ण, वाराणसी और हल्दीपुर ने 2009 से 2017 के दौरान गैरकानूनी तरीके से एनएसई के कर्मचारियों के फोन टैप करने की साजिश रची, जिसके लिये उन्होंने पांडे द्वारा 2001 में स्थापित की गई कंपनी आईएसईसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को काम पर रखा था.
आईपीएस अधिकारी ने इस्तीफा देने के बाद कंपनी खोली थी, लेकिन उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया था. सीबीआई ने आरोप लगाया कि कंपनी को कथित तौर पर अवैध टैपिंग के लिए 4.45 करोड़ रुपये मिले. एजेंसी ने दावा किया कि कंपनी ने शेयर बाजार के वरिष्ठ प्रबंधन को टैप की गई बातचीत की लिखित प्रति भी मुहैया कराई.
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