बिलासपुर
राजस्व मामलों के निराकरण के लिए जिले में राजस्व शिविरों का सिलसिला आज से शुरू हो गया। कलेक्टर सौरभकुमार की विशेष पहल पर जिले में लगभग 5 महीने का कार्यक्रम तैयार किया गया है। मोर मितान की तर्ज पर राजस्व एवं ग्रामीण अधिकारी घर-घर पहुंचकर उनकी समस्याएं एवं जरूरतें पूछ रहे हैं। शिविर के पहले दिन आज सभी तहसीलों के ग्रामीण इलाकों में 15 गांवों में शिविर आयोजित किये गये। इन शिविरों में 1662 से ज्यादा लोगों ने आवेदन दिये। ज्यादातार आवेदन आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र से संबंधित हैं। टीम ने इन आवेदनों पर काम शुरू कर दिये हैं। बहुत जल्द तैयार कर उन्हें गांव पहुंचकर जनप्रतिनिधियों के समक्ष वितरित कर दिया जायेगा।
कलेक्टर ने पहले दिन तखतपुर तहसील के ग्राम कंचनपुर पहुंचकर शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविरों में आ रहे आवेदनों की प्रकृति की जानकारी ली। कलेक्टर ने शिविर में आये कुछ किसानों से चर्चा कर खेती-किसानी की ताजा हालात जाने। उन्होंने ग्राम पंचायत कक्ष में बैठका लेकर ग्रामीणों की अन्य जरूरतें एवं समस्याएं भी सुनी और इनके निराकरण के निर्देश मौजूद अधिकारियों को दिये। जिला कार्यालय के भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिविरों से आज लगभग 1662 विभिन्न प्रकार के आवेदन संकलित किये गये हैं। इनमें तखतपुर तहसील से 265, बेलगहना तहसील से 55, बिल्हा से 57, कोटा से 665, सकरी से 273, बिलासपुर से 296 के साथ मस्तूरी एवं सीपत तहसील से भी अनेक आवेदन मिले हैं। शिविरों में 50 किसानों को किसान किताब भी वितरित किये गये। तहसीलदारों के नेतृत्व में अधिकारी पहले घर-घर दस्तक देकर उनका हाल-चाल जाना और राजस्व सहित अन्य जरूरतों की जानकारी ली। शिविर के प्रति ग्रामीणों में उत्साह देखा गया। अपने कामों के लिए जहां उन्हें आॅफिसों के फेरे लगाने पड़ते थे। बावजूद काम होने में विलंब हो जाता था। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप कलेक्टर की नई पहल से ग्रामीणों में खुशी की झलक देखी गई।
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