पटना
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को एक बार फिर राज्य में शराबबंदी का विरोध करते हुए कहा, "दिन में एक या दो ड्रिंक सेहत के लिए फायदेमंद है।'' पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम (एस) राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ है। मांझी अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान भभुआ में पत्रकारों से बात करते हुए ये बयान दिया।
उन्होंने कहा, "बिहार में शराब की बिक्री और खपत पर प्रतिबंध है, लेकिन राज्य में बड़े लोग रात में शराब पीकर अपने कमरों में सोते हैं जबकि शराब पीने वाले मजदूरों को गिरफ्तार किया जाता है।" जीतन राम मांझी ने कहा, "मैंने शुरू से ही सरकार की शराब नीति का कड़ा विरोध किया है क्योंकि इसमें केवल गरीब और असहाय लोगों को निशाना बनाया गया है।" अधिकारियों को रिश्वत देने के बाद शराब तस्करों को छोड़ दिया जाता है।
बक्सर में बुधवार को भी बिहार में लागू शराबबंदी को लेकर जीतन राम मांझी ने कई सवाल उठाए थे। जीतन राम मांझी ने कहा था, थोड़ी-थोड़ी करके शराब पीना बिल्कुल गलत नहीं है। बिहार में शराब की वजह से गरीब लोग सिर्फ परेशान हैं।
राम मांझी ने कहा कि अगर शराब थोड़ी-थोड़ी करके पी जाए तो ये दवा का काम करेगी। अगर इसको ज्यादा मात्रा में ली जाए तो ये शरीर को हानि पहुंचाती है।
मांझी ने कहा था कि हमारे वर्ग के भी लोग शुरू से ही शराब बनाने के काम में रहे हैं, लेकिन मैंने तो कभी भी शराब को हाथ नहीं लगाया। मांझी ने कहा, बिहार में शराबबंदी के कारण लाखों लोग अभी भी जेल में हैं। जिसकी वजह से गरीब और कमजोर तबके के लोगों को परेशानियों का सामना करवा पड़ा रहा है।
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