ग्वालियर
हरिद्वार से गंगाजल भरकर ला रहे छह कांवड़ियों की एक साथ सड़क हादसे में मौत हो जाने की सूचना जैसे ग्राम बांगीखुर्द में पहुंची, वैसे ही समूचे गांव में मातम पसर गया। वहीं जब मृतकों के शव ग्वालियर आए, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उन्हें बड़ागांव हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया।
अनियंत्रित डंपर चालक द्वारा जिन छह कांवड़ियों को कुचला गया, वह सभी उटीला थाना क्षेत्र के ग्राम बांगीखुर्द के रहने वाले थे। यूपी पुलिस के अफसरों ने जब इसकी सूचना मृतकों के परिजनों को दी, तो इस सूचना से पूरे गांव का माहौल बेहद गमगीन हो गया। हर कोई सिर्फ यह ही कहता दिखा कि अरे! यह कैसे हो गया। वहीं ग्राम बांगीखुर्द के सरपंच जितेंद्र शर्मा उर्फ चिंटू तुरंत अपनी कार से मृतकों के परिजनों को लेकर आगरा के लिए रवाना हो गए। जो दोपहर 12 बजे के लगभग जब शव लेकर वापस लौटे, तो उससे पहले ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके इंतजार में बड़ागांव हाईवे पर जुट गए। जिन्होंने आक्रोशित होकर शवों को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। कांवड़ियों की डंपर से कुचलकर हुई मौत की घटना से सिर्फ बांगीखुर्द ही नहीं अपितु आसपास के अन्य गांव के लोगों में भी खासा गुस्सा नजर आया। जिससे चक्काजाम में आसपास के कई गांव के लोगों का जमावड़ा हो गया।
एएसपी ने दल-बल के साथ पहुंचकर संभाला मोर्चा
कांवड़ियों की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा बड़ागांव हाईवे पर जाम लगाने की तैयारी की सूचना पाते ही एएसपी राजेश दण्डोतिया ने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। जिन्होंने शव पहुंचने से पहले ही वहां जुटे ग्रामीणों को समझाइश दी, कि वह किसी भी तरह का उत्पात न करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से अपना पक्ष रखें। हालांकि इस जाम से बड़ागांव हाईवे पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह से ध्वस्त हो गई।
गांव में नहीं जले चूल्हे
सड़क हादसे में जिन छह कांवड़ियोें की एक साथ मौत हुई है। उनमें से अधिकांश 25 से 30 वर्ष की आयु के बीच के थे। युवाओं के इस तरह काल के गाल में समा जाने से ग्राम बांगीखुर्द में मातम पसरा हुआ है। जहां तक कि घटना से दु:खी ग्रामीणों के घरों में भी चूल्हे तक नहीं जले हैं।
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