पार्थ चटर्जी खजाने के अकेले मालिक नहीं, असली वाले बता दो नाम; मिथुन चक्रवर्ती ने कसा तंज

राजनीती

नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल में ममता सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के दूसरे अपार्टमेंट से मिले 28 करोड़ रुपए ने आग में घी डालने का काम कर दिया है। इस बीच गुरुवार को अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती ने पार्थ चटर्जी से घोटाले में शामिल लोगों और पैसे के असली मालिक का नाम उजाकर करने की अपील की। रिपोर्ट के मुताबिक, मिथुन ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं था कि पार्थ चटर्जी के पास सारे पैसे हैं। मिथुन ने अंदेशा जताते हुए कहा कि जो पैसा बरामद हुआ है वो किसी और का था, पार्थ चटर्जी उस पैसे का संरक्षक रहा होगा, उसे मुंह खोलना चाहिए। जेल में सफर क्यों करना? प्रवर्तन निदेशालय ने अर्पिता के पहले फ्लैट से 21 करोड़ रुपए की बरामदी के कुछ दिन बाद दूसरे अपार्टमेंट से पैसे के साथ-साथ 5 किलो सोना और कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। बरामद पैसे को गिनने में 10 घंटे का समय भी लगा। अधिकारियों के मुताबिक अपार्टमेंट के शौचालय से भारी मात्रा में पैसा बरामद किया गया है।

बेलघरिया स्थित फ्लैट से नकदी मिली है
अधिकारी ने बताया कि इस बार उत्तर कोलकाता के बेलघरिया स्थित फ्लैट से नकदी मिली है जिसकी मालकिन मुखर्जी हैं। दो फ्लैट को ताला तोड़कर खोला गया क्योंकि उनकी चाबी नहीं मिली। ईडी की ओर से 22 जुलाई को रात में छापेमारी कर मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर से 20 करोड़ रुपए नगद बरामद हुए थे। इसके बाद 23 जुलाई को टीएमसी नेता को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया। तब से लेकर पार्थ चटर्जी ईडी की हिरासत में हैं।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई है जांच
गौरतलब है कि कोलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की अनुशंसा पर सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह 'ग' और 'घ' वर्ग के कर्मचारियों और शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित अनियमितता की जांच कर रही है। वहीं, ईडी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के ऐंगल से जांच कर रहा है। उल्लेखनीय है कि जब यह कथित घोटाला हुआ था, उस समय पार्थ चटर्जी राज्य के शिक्षामंत्री थे।

पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटाने की मांग
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव एवं प्रवक्ता कुणाल घोष ने गुरुवार को मांग की कि एसएससी घोटाले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी को पद से तुरंत हटाया जाना चाहिए और पार्टी से भी तत्काल निष्कासित किया जाना चाहिए।

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