पुलिस जिला मुख्यालय के अलावा छोटे शहरों में भी 15-20 दिन में करेगी सड़कों पर मार्च

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भोपाल
प्रदेश के सभी थानों और पुलिस चौकियों में एक साथ पैदल गश्त करने का शनिवार से शुरू हुआ सिलसिला अब लगातार चलता रहेगा। डीजीपी सुधीर सक्सेना ने इस संबंध में सभी रेंज एडीजी, आईजी, डीआईजी और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने स्वयं सड़क पर पैदल मार्च कर नये अंदाज में पुलिस गश्त करने की शनिवार को शुरूआत की है। अब पुलिस के आला अफसर जिला मुख्यालयों के अलावा छोटे शहरों और कस्बों में भी जाकर पैदल गश्त करेंगे।

डीजीपी सुधीर सक्सेना ने प्रदेश भर की पुलिस को जनता से सीधे जोड़ने और सड़कों पर पुलिस की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए इसकी शुरूआत की है। वे स्वयं भोपाल के प्रमुख बाजारों में निकले, उनके निर्देश पर सभी पुलिस थानों और चौकियों की भी पुलिस गश्त पर निकली थी। इसमें अधिकांश रेंजों के एडीजी, आईजी, डीआईजी और पुलिस अधीक्षक ने जिला मुख्यालय में ही गश्त की। अब ये अपने जिले के छोटे शहरों और कस्बों में जाकर भी गश्त करेंगे। वहीं थाना स्तर पर भी 15 से 20 दिन के भीतर इसी तरह से गश्त को करना होगा। हालांकि अफसर और थाना पुलिस को यह बंदिश नहीं है कि वह 15 से 20 दिन के भीतर ही इस तरह की गश्त करें, लेकिन यह निर्देश जरुर है कि इस तरह की गश्त महीने में एक-दो बार करना होगी।

अफसरों को सक्रिय रखने के हो रहे प्रयास
इससे पहले डीजीपी ने आधी रात को नरसिंहगढ़ और सीहोर जिले के थानों में औचक निरीक्षण किया था। इसके जरिए उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों के साथ ही रेंज एडीजी और आईजी को संदेश दिया था कि वे भी थानों का औचक निरीक्षण करें। इसके बाद प्रदेश भर के सभी अफसर थानों के औचक निरीक्षण के लिए उतरे।इसके चलते प्रदेश के थानों की भी व्यवस्था में सुधार हुआ है। इसके बाद डीजीपी ने यह नया प्रयोग किया है। इस गश्त के जरिए उन्होंने अफसरों को भी जनता के बीच में उतारने का काम किया है। शनिवार को सौ से ज्यादा आईपीएस अफसर एक साथ प्रदेश की सड़कों पर जनता के बीच में गश्त करते हुए नजर आए।