भोपाल
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) नैक का अग्रडेशन नहीं करने पर भोज मुक्त विश्वविद्यालय के सभी कोर्स की मान्यता समाप्त कर देगा। इससे भोज विवि में ताला लग सकता है। कुलपति जयंत सोनवलकर ने तीन माह पूर्व 105 प्रोफेसरों की भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं आ सकी है। नैक का अग्रेडेशन में सबसे ज्यादा जरुरी कोर्स के मुताबिक फैकल्टी होना जरूरी है।
भोज विश्वविद्यालय में दो दर्जन यूजी-पीजी कोर्स संचालित हो रहे हैं। यहां प्रतिनियुक्ति पर आए प्रोफेसर कार्यरत हैं। इक्का-दुक्का नियमित एसोसिएट प्रोफसर हैं। राज्य स्तरीय विवि में एक दर्जन फैकल्टी मेंबर तक नहीं हैं।
उक्त कोर्स के हिसाब से भोज विवि में करीब 105 प्रोफेसरों की आवश्यकता है। यूजीसी ने हाल ही में भोज मुक्त विवि सहित अन्य मुक्त विवि को पत्र देते हुए कहा कि उन्होंने ने नैक का अग्रेडेशन नहीं कराया, तो उनके कोर्स की मान्यता समाप्त कर दी जाएगी।
यूजीसी के पत्र से देश के सभी मुक्त विश्वविद्यालयों में हड़कंप मच गया है। हालांकि कुलपति जयंत सोनवलकर ने परिस्थितियों को देखते हुए तीन माह 105 प्रोफेसरों का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया था। शासन अभी तक भोज विवि को भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने की मंजूरी नहीं दे सकता है। यूजीसी द्वारा जारी पत्र ने विभागीय अफसर और उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव की नींद उड़ा दी है। क्योंकि नैक कराने में करीब छह माह का समय लगेगा। इसके चलते कुलपति सोनवलकर ने भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया था, ताकि कम समय में नैक का अग्रडेशन हासिल किया जा सके।
निफ्ट में लगेंगी कक्षाएं
नेशनल फैशनल इंस्टीट्यूशन ने भोज विवि के भवन छोड़ दिए हैं। इसलिए कुलपति सोनवलकर ने निफ्ट के भवन में कक्षाएं लगाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया है। यहां फैकल्टी और स्टाफ रूम भी तैयार किए जाएंगे। इससे भोज विवि में पढ़ाई का माहौल तैयार हो सकेगा।
इनका कहना है
तीन माह पूर्व 105 शिक्षकों को भर्ती करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। मंजूरी आते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
– जयंत सोनवलकर, कुलपति, भोज मुक्त विश्वविद्यालय
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