चीन ने भीषण हमले की तैयारी शुरू की, ताइवान रक्षा मंत्रालय का दावा, PLA ने युद्ध का नकल शुरू किया

दुनिया

ताइपे
भारी तनाव के बीच ताइवान की सेना ने दावा किया है कि, चीन की सेना ने युद्ध का नकल शुरू कर दिया है, जिसमें चीन के विध्वंसक जहाजों के साथ फाइटर जेट्स शामिल हैं। ताइवान की सेना ने कहा है कि, चीन ने शनिवार को ताइवान जलडमरूमध्य में "कई" चीनी विमानों और जहाजों का संचालन किया है और ताइवान का मानना है, कि चीन स्व-शासित लोकतांत्रिक द्वीप पर हमले की नकल कर रहा है। 'हमले का नकल कर रहा है चीन' ताइवान रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि, ताइपे की सेना ने "ताइवान जलडमरूमध्य के आसपास गतिविधियों का संचालन करने वाले विमानों और जहाजों के कई जत्थों का पता लगाया है, जिनमें से कुछ ने मध्य रेखा को पार भी किया है। उन्हें ताइवान के मुख्य द्वीप पर हमले करने का नकल करते हुए पाया गया है'

। ताइवान का ये दावा काफी सनसनीखेज है, क्योंकि अगर ऐसा है, तो इसका मतलब ये हुआ, कि चीन अब ताइवान पर कब्जा करने की आखिरी तैयारी कर रहा है और ताइवान पर किसी भी वक्त हमला हो सकता है। आपको बता दें कि, अमेरिकी स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा से नाराज चीन, ताइपे के आसपास ताबड़तोड़ मिसाइले दाग रहा है। इसी बीच ताइवान की सेना ने एक दिन पहले दावा किया था कि, कि 68 चीनी लड़ाकू विमान और 13 युद्धक जहाजों ने ताइवान जलडमरूमध्य में ताइवान और चीन को अलग करने वाली अनौपचारिक मीडियन लाइन का उल्लंघन किया है।

चीन बनाम ताइवान, कितनी है सैन्य शक्ति? चीन के सामने ताइवान की सैन्य ताकत ना के बराबर है और बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटेजिक स्टडीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि चीन के पास हर तरह के सैनिकों को मिलाने के बाद करीब 20 लाख 35 हजार एक्टिव सैनिक हो जाते हैं। जबकि, ताइवान के पास सिर्फ 1.63 लाख ही सक्रिय सैनिक हैं। यानि, ताइवान के मुकाबले चीन के पास करीब 12 गुना ज्यादा सैनिक हैं। वहीं, बात अगर थल सेना की करें, तो चीन के पास 9.65 लाख पैदल सैनिक हैं, जबकि ताइवान के पास सिर्फ 88 हजार ही पैदल सैनिक हैं। वहीं, चीन की नौसेना में 2 लाख 60 हजार एक्टिव सैनिक हैं, जबकि ताइवान की नौसेना के पास सिर्फ 40 हजार सैनिक ही हैं। वहीं, बात अगर ताइवान की वायुसेना की करें, तो ताइवान के पास 35 हजार जवान हैं, जबकि चीन की वायुसेना में 4 लाख 15 हजार सैनिक हैं।

 एक्सपर्ट्स का कहना है, कि पूरी ताकत लगाने के बाद ताइवान सिर्फ चीन के हमले को थोड़ा धीमा कर सकता है, उसके अलावा ताइवान के पास ज्यादा कुछ करने के लिए नहीं होगा। चीन के लिए हमला करना होगा आसान? यूक्रेन पर रूस ने जब हमला किया था, उस वक्त यही कहा गया था, कि ये लड़ाई महज एक हफ्ते तक चल सकती है, लेकिन अब ये लड़ाई छठवें महीने में प्रवेश करने वाली है। लिहाजा, युद्ध के अंजाम को लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता है और चीन के लिए ये लड़ाई उतना आसान भी नहीं होगा। विशालकाय जहाजों और अन्य छोटे चीनी लैंडिंग जहाजों के बावजूद चीन, ताइवान पर सफलतापूर्वक आक्रमण करने के लिए आवश्यक सामग्री और सैनिकों को लाने और ले जाने के लिए अपर्याप्त हैं।

 पिछले साल द जेम्सटाउन फाउंडेशन के लिए हाल के एक लेख में यूएस नेवल वॉर कॉलेज के चाइना मैरीटाइम स्टडीज इंस्टीट्यूट के ट्रेनर कॉनर कैनेडी ने कहा कि "एक कामयाब क्रॉस-स्ट्रेट लैंडिंग के लिए कई महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखने की आवश्यकता होती है। और अगर हमला करने वाला देश फॉलो-अप का विकल्प नहीं बनाता है, तो उसे भयानक नुकसान उठाना पड़ सकता है और परिणामस्वरूप उसकी हार भी हो सकती है।
 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry