भोपाल
कोविड में माता-पिता को खोने वाले बच्चों से आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि जिस तरह मिलखा सिंह और भारत के कई सफल व्यक्ति काफी संघर्षों के बाद सफलता के मुकाम पर पहुंचे है उसी तरह उन्हें भी हौसला नहीं खोना चाहिए और जीवन में नई उर्जा-उमंगों के साथ सफलता के मुकाम तय करना है।
मुख्यमंत्री निवास पर पहुंचने वाले इन बच्चों के लिए काफी सजावट की गई थी। मुख्यमंत्री कोविड 19 बाल सेवा योजना के हितग्राही लगभग ढाई सौ बच्चे आज मुख्यमंत्री निवास पर पहुंचे थे। बच्चों के मुख्यमंत्री निवास पर आगमन के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह ने बच्चों पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। एक दिव्यांग बच्चे को मुख्यमंत्री खुद व्हील चेयर से अंदर तक पहुंचाया। सभी बच्चों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को रक्षा सूत्र बांधे।
मुख्यमंत्री ने उन्हें उपहार भी दिए और अपना आशीर्वाद भी दिया। कार्यक्रम में भोपाल की बाल देख-रेख संस्थाओं के बच्चे भी पहुंचे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री और उनकी धर्मपत्नी के सामने बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों से बात करते हुए बताया कि पिछले बार दीवाली पर कई बच्चे यहां आए थे उनसे हमने बात की थी। एक बेटी ने गीत सुनााया था आज रक्षाबंधन पर आप सभी को बुलाया है। उन्होंने व्हील चेयर पर बच्चे और अन्य बच्चों को पुराने आयोजन के फोटो दिखाए और उनके बारे में बात की।
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