बिहार जहरीली शराबकांड: सारण में अब तक 7 लोगों की संदिग्ध मौत, दो का छपरा अस्पताल में इलाज जारी

राज्य

 पटना
 
बिहार में जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सारण जिले में संदिग्ध हालत में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 7 हो गया है। वहीं, दो अन्य लोगों का छपरा सदर अस्पताल में इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि सभी की शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़ गई थी। मृतकों में छह लोग मढ़ौरा थाना इलाके के भुआलपुर गांव के थे। वहीं, एक शख्स गुड़खा का रहने वाला था।

भुआलपुर गांव आरजेडी विधायक जीतेंद्र कुमार राय का है। स्थानीय एसडीओ योगेंद्र कुमार और डीएसपी इंद्रजीत बैठा ने कहा कि जब तक पोस्टमार्टम की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक मौत के सही कारणों का पता नहीं चल पाएगा। मृतकों की उम्र 35 से लेकर 60 साल थी।

ऐसे शुरू हुआ मौतों का सिलसिला

सबसे पहले गुड़खा थाना इलाके के औधा गांव के रहने वाले मोहम्मद अलाउद्दीन खान की गुरुवार देर शाम मौत हुई। बाद में भुआलपुर से कामेश्वर महतो, रामजीवन, रोहित सिंह, लाल बाबू शाह और जयनाथ सिंह की जान गई। इसके बाद गंभीर हालत में छपरा अस्पताल में भर्ती कराए गए हीरा राय ने शुक्रवार देर शाम दम तोड़ दिया। स्थानीय सूत्रों की मानें तो रामनाथ महतो और शंकर राय नाम के दो शख्स का सदर अस्पताल और एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

शराब पीने के बाद बिगड़ी थी तबीयत

रामनाथ महतो ने अस्पताल में मीडिया को बताया कि उन लोगों ने गुरुवार दोपहर में एक उर्मिला देवी उर्फ ​​दुगुरानी नाम की महिला से मुक्कनपुर गांव में शराब खरीदी थी। शराब पीने के बाद उसे उल्टी होने लगी, जिसके बाद उसके परिजन उसे अस्पताल लेकर आए। कुछ अन्य पीड़ितों के परिवार के सदस्यों ने भी माना कि उन्होंने शराब पी थी और फिर रात में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

बाद में, आबकारी विभाग के अधिकारियों और पुलिस ने उर्मिला के घर पर छापा मारा। वह अपने घर पर ताला लगाकर भाग घई। पुलिस ने घर को सील कर दिया है, घर में जमीन के नीचे बड़ी मात्रा में शराब मिली है।  बता दें कि इस महीने की शुरुआत में सारण जिले के मेकर थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में जहरीली शराब पीने से 12 लोगों की मौत हो गई थी और 10 से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी।

 

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