उज्जैन
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से सोमवार को स्वतंत्रता दिवस के संयोग में भादौ मास में भगवान महाकाल की पहली सवारी निकलेगी। भगवान महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव, नंदी पर उमा-महेश तथा डोल रथ पर होलकर रूप में विराजित होकर भक्तों के दर्शन देने निकलेंगे।
स्वतंत्रता की हीरक जयंती पर निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी में धर्म के साथ देशभक्ति के रंग भी नजर आएंगे। भगवान की पालकी को तिरंगे (तीन रंगों के फूलों) से सजाया जाएगा। सवारी में शामिल भक्त, भजन मंडल तथा झांझ-डमरू दल के सदस्य राष्ट्रीय ध्वज लेकर निकलेंगे।
महाकाल मंदिर से शाम चार बजे सवारी की शुरुआत होगी, जो कोट मोहल्ला, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए शाम पांच बजे शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां पुजारी शिप्रा जल से भगवान के चंद्रमौलेश्वर रूप का अभिषेक कर पूजा-अर्चना करेंगे।
पूजन पश्चात सवारी रामानुजाकोट, कार्तिक चौक, जगदीश मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए शाम सात बजे पुन: मंदिर पहुंचकर संपन्ना होगी। श्रावण-भादौ मास के क्रम में 22 अगस्त को शाही सवारी निकलेगी।
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