मुंबई
आपने बच्चों को क्रैक्स (Crax) के लिए रोते-झगड़ते और खुशियां मनाते हुए देखा ही होगा। चटपटे स्वाद की वजह से बच्चों को लुभावने करने वाला क्रैक्स अब एक अलग वजह से चर्चा में है। इस खबर के बाहर आते ही कंपनी के शेयर उड़ान भरने लगे हैं। और देखते-देखते मंगलवार को क्रैक्स बनाने वाली कंपनी डीएफएम फूड्स के स्टाॅक में 20% का अपर सर्किट लग गया। जिसके बाद कंपनी के शेयर BSE में 304 रुपये के लेवल पर पहुंच गये। बता दें, कंपनी ने स्टाॅक मार्केट से डिलिस्टिंग के प्रस्ताव का ऐलान किया है।
सोमवार को कंपनी ने एक्सचेंज को बताया कि AI Global's सभी पब्लिक शेयर्स (चाहे वह व्यक्तिगत हो या सामूहिक) को खरीदकर कंपनी को BSE और NSE से डिलिस्टिंग करना चाहती है। 15 अगस्त तक AI ग्लोबल के पास कंपनी की कुल 73.7% हिस्सेदारी थी। डिलिस्टिंग पर कंपनी ने कहा इस पूरी प्रक्रिया में कंपनी के प्रमोटर और DFM फूड्स के प्रमोटर्स भी शामिल रहेंगे। डिलिस्टिंग को लेकर कंपनी ने बताया कि इससे ऑपरेशनल सपोर्ट बेहतर होगा।
कैसा है इस स्टाॅक का अबतक का प्रदर्शन?
पिछले एक महीने की बात करें तो कंपनी के शेयरों में 22.55% की उछाल देखने को मिली है। इस दौरान कंपनी के शेयर 248 रुपये से 304 रुपये के लेवल पर पहुंच गए हैं। पिछले 6 महीने पर नजर दौड़ाएं तो कंपनी के स्टाॅक ने अपने निवेशकों को BSE में 5.46% का रिटर्न दिया है। हालांकि, पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों 9.50% की गिरावट देखने को मिली है।
क्या होता है डिलिस्टिंग प्रोसेस?
कंपनी जब एक बार फिर से प्राइवेट लिमिटेड बनाना चाहती है तब डिलिस्टिंग की प्रक्रिया होती है। कंपनी तभी डिलिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकती है जब शेयर का भाव एक निश्चित मानक से नीचे आ जाए। दिवालिया होने पर, मर्जर होने की स्थिति में किसी तय मानक को मानने की जरूरत नहीं होती है।
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