नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के ट्विटर प्रोफाइल में लगी तस्वीर पर विवाद शुरू हो गया है। इस तस्वीर में उन्होंने आजादी के आंदोलन से जुड़े क्रांतिकारियों की तस्वीरों को शामिल किया है, लेकिन उसमें पंडित जवाहर लाल नेहरू नहीं हैं। इसे लेकर ही कांग्रेस ने उन पर निशाना साधा है। अब तक भाजपा पर ही कांग्रेस की ओर से जवाहर लाल नेहरू की अनदेखी के आरोप लगते थे, लेकिन अब ममता बनर्जी भी उसी क्लब में शामिल होती दिख रही हैं। ममता बनर्जी के जवाब में बंगाल कांग्रेस की ओर से एक ट्वीट किया गया है और टीएमसी पर सवाल दागा है।
एक ट्विटर यूजर अभिषेक बनर्जी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कांग्रेस ने हमला बोला है। अभिषेक बनर्जी ने अपने ट्वीट में बेटी की ओर से तैयार एक स्केच को शेयर किया था। इसके साथ ही उन्होंने कैप्शन में लिखा था, 'मेरी बेटी ने इतिहास की कुछ बेसिक चीजों को याद दिलाते हुए पहले स्वतंत्रता दिवस की तस्वीर शेयर की है।' इस तस्वीर में बच्ची ने पहले स्वतंत्रता दिवस का स्केच बनाया है, जिसमें पंडित जवाहर लाल नेहरू भी नजर आते हैं। इसी ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कांग्रेस ने टीएमसी और ममता बनर्जी को टैग किया है। कांग्रेस ने लिखा, 'एक बच्ची की ओर से ममता बनर्जी और टीएमसी को इतिहास का सबक। ऐसा इसलिए क्योंकि इन लोगों ने जानबूझकर जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर ही हटा दी।'
नेहरू की तस्वीर को हटाने का विवाद कर्नाटक में भी चल रहा है। कर्नाटक की बसवराज बोम्मई सरकार ने अखबारों में एक ऐड निकालकर देश की स्वतंत्रता में योगदान देने वाले क्रांतिकारियों को याद किया गया है। लेकिन इस पोस्टर से जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर गायब थी। इसे लेकर कांग्रेस हमलवार है और भाजपा पर भेदभाव के आरोप लगा रही है। इस मामले में राज्य के विपक्षी नेता एम. सिद्धारमैया ने सीएम बोम्मई से माफी की मांग की है। सिद्धारमैया ने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से प्रकाशित विज्ञापन में जवाहर लाल नेहरू का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। सीएम को राज्य के लोगों से नेहरू के अपमान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
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