नई दिल्ली
भारत के पूर्व स्पिनर अनिल कुंबले इतिहास में भारत के सबसे बड़े मैच विजेताओं में से एक रहे हैं, लेकिन ज्यादातर खिलाड़ियों की तरह उनके करियर के शुरुआती कुछ साल अच्छे नहीं थे। 1990 में जब कुंबले को भारतीय टीम में चुना गया तो कई लोग इस फैसले के खिलाफ थे, क्योंकि वे अधिकांश स्पिनरों से अलग थे। अनिल कुंबले लंबे थे, लेकिन गेंद को ज्यादा टर्न नहीं करा पाते थे। हालांकि, उनके पास सटीकता और गति में भिन्नता करने की कला थी। उसी दौरान एक मैच में उनसे एक कैच छूट गया था तो कपिल देव ने उनको फटकार लगाई थी, जिसके बाद वे रो पड़े थे।
महान स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने 1990 में मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए एक टेस्ट मैच का वाकया बताया, जहां कपिल देव ने अनिल कुंबले को डांट लगाई थी। टी ब्रेक से ठीक पहले कपिल ने कुंबले को डीप फाइन लेग पर प्लेस किया था। इसके बाद उन्होंने एलन लैम्ब को बाउंसर फेंका और उन्होंने गेंद को हुक किया तो यह एक सीधा कैच लग रहा था। कपिल सर्वाधिक टेस्ट विकेट लेने का विश्व रिकॉर्ड तोड़ने से एक विकेट दूर थे, लेकिन कुंबले ने ये कैच ड्रॉप कर दिया था। इसी वजह से कपिल देव ने अनिल कुंबले को फटकार लगाई थी।
बेदी ने द मिड विकेट टेल्स में बताया, "यह उनका(अनिल कुंबले) पहला टेस्ट मैच था। मैं ओल्ड ट्रैफर्ड में क्रिकेट मैनेजर था। अनिल ने कैच छोड़ दिया था और कपिल ने उन्हें मैदान पर ही डांटा। यह उनका डेब्यू था और मुझे लगता है कि कपिल तब तक 100 टेस्ट खेल चुके थे। जब मैं ड्रेसिंग रूम में गया तो मैंने उन्हें रोते हुए पाया। हो सकता है कि इसने उसे मजबूत किया हो। उस वक्त आंसू बहाना जरूरी था। यह महत्वपूर्ण था कि बाद में जो सामने आया उसके लिए उसे उस समय बुरा लगा।" इसके बाद शायद वे मजबूत बने और भारत के शीर्ष विकेट टेकर बने।
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