नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से भारत में अंडर-17 महिला विश्व कप की मेजबानी करने और एआईएफएफ का निलंबन हटाने के मामले में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह सुनिश्चित होनी चाहिए कि अंडर 17 महिला फुटबॉल विश्व कप भारत में ही हो. गौरतलब है कि इससे पहले फीफा ने ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) को निलंबित कर दिया है. AIFF में एडमिनिस्ट्रेटर की कमिटी की नियुक्ति को ले कर आपसी खीच तान चल रही है. इसलिए FIFA ने भारत को अपने संघ से निलंबित कर दिया है. इससे अक्टूबर में भारत में होने वाले अंडर 17 वर्ल्ड कप पर संशय बना हुआ है. हालांकि केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि फीफा के साथ दो बैठकें हुई हैं, अंडर-19 महिला विश्व कप की मेजबानी को लेकर ‘‘कोई समाधान निकालने’’ की कोशिश की जा रही है.
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा की हालात को ठीक करने के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव कमिटी के अलग-अलग खेमों से बात चीत चल रही है. एक दो दिन में सभी किसी नतीजे पर पहुंच जायेंगे. केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि यह भारत की सम्मान का मामला है. जल्द ही सभी पक्षों से बात करके कोई हल निकाला जाएगा और भारत का FIFA से निलंबन वापस होगा. तुषार मेहता ने कोर्ट को भरोसा दिलाया की वर्ल्ड कप भारत में ही होगा. अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सोमवार अगली सुनवाई करेगा.
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ,जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच कर रही थी. सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने बहस की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि कल के बाद महत्वपूर्ण बैठक हुई है. उन्होंने कहा कि फीफा और सरकार के बीच दो बैठकें हुई हैं. ये बैठकें सकारात्मक रहीं. फिलहाल बातचीत चल रही है. इसलिए मामले को सुनवाई के लिए टाल दिया जाना चाहिए. इस पर वकील राहुल मेहरा ने कहा कि हमें कोई आपत्ति नहीं है कि मामले को सोमवार को सुना जाए. इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) मामले की सुनवाई 22 अगस्त तक के लिए टाल दी. इससे पहले, केंद्र ने कहा कि वह भारत में अंडर-17 महिला विश्व कप की मेजबानी को लेकर फीफा के साथ बातचीत कर रहा है.
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