भोपाल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के भोपाल (Bhopal) में कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सोमवाक को मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक हुई। मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan), उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में शिरकत की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वर्चुअल शामिल हुए। भोपाल में मौसम ज्यादा खराब होने के कारण योगी और बघेल नहीं पहुंच पाए। बैठक में नक्सलवाद, आतंकवाद, आंतरिक सुरक्षा, पुलिस के आधुनिकीकरण, महिला व बच्चों के विरुद्ध अपराध की विवेचना, साइबर अपराध, अनुसूचित जाति-जनजाति, किसान कल्याण सहित अन्य विषयों पर चर्चा हुई।
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप राज्य सरकारों को विकास के समुचित अधिकार दिए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 23वीं बैठक में संबोधित कर रहे थे। बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्री व वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल हुए। बैठक में भूपेश बघेल ने कहा कि हमारे संविधान ने भारत को राज्यों का संघ कहा है। अतः इसमें राज्य की अपनी भूमिका तथा अधिकार निहित हैं। हमने आजादी की गौरवशाली 75वीं सालगिरह मना ली है। इस परिपक्वता के साथ अब सर्वोच्च नीति नियामक स्तरों पर भी यह सोच बननी चाहिए कि राज्यों पर पूर्ण विश्वास किया जाए तथा राज्यों की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विकास के समुचित अधिकार राज्य सरकारों को दिए जाएं। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू और मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी भी उपस्थित रहे।
बघेल ने कहा कि, 44 प्रतिशत वन क्षेत्र, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी की बहुलता, सघन वन क्षेत्रों में नक्सलवादी गतिविधियों का प्रभाव, कृषि-वन उत्पादों तथा परंपरागत साधनों पर आजीविका की निर्भरता जैसे कारणों से छत्तीसगढ़ के विकास के लिए विशेष नीतियों और रणनीतियों की जरूरत है। हम राज्य के सीमित संसाधनों से हरसंभव उपाय कर रहे हैं, लेकिन हमें भारत सरकार के विशेष सहयोग की आवश्यकता है। बैठक के एजेंडे में ऐसे कई बिंदु शामिल हैं, जिन पर सकारात्मक चर्चा होने से छत्तीसगढ़ को मदद मिलेगी।
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