जयपुर
कांग्रेस के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव जल्द होने वाला है। हर तरफ एक ही सवाल है कि क्या इस बार भी गांधी परिवार का कोई सदस्य देश की सबसे पुरानी पार्टी को लीड करेगा या किसी नए नेता को मौका दिया जाएगा? इस बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा दावा किया है। गांधी परिवार के करीबी माने जाते रहे अशोक गहलोत ने कहा है कि पार्टी में इस बात की सर्वसम्मति बन गई है कि राहुल गांधी ही पार्टी की अध्यक्षता करें। गहलोत ने कहा कि देश भर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखते हुए राहुल गांधी को इस भूमिका को स्वीकार करना चाहिए।
बकौल अशोक गहलोत, 'अगर राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष नहीं बनते हैं तो यह देश के कांग्रेसियों के लिए निराशा की बात होगी। बहुत से लोग घर बैठेंगे और हम भुगतेंगे। उन्हें (राहुल गांधी) देश में आम कांग्रेसी लोगों की भावनाओं को समझते हुए खुद इस पद को स्वीकार करना चाहिए।'
कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव का कार्यक्रम जल्द होगा जारी
कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव से जुड़ा विस्तृत कार्यक्रम अगले तीन-चार दिनों में घोषित किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया, तीन-चार दिनों के भीतर चुनाव कार्यक्रम सामने आएगा। इसमें नामांकन दाखिल करने की तिथि, नाम वापस लेने की तारीख और चुनाव की तिथि शामिल होगी। कांग्रेस कार्यसमिति ने पिछले साल जिस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी उसके अनुसार, चुनाव की पूरी प्रक्रिया 20 सितंबर तक संपन्न होनी है। 21 अगस्त से प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हर कांग्रेसी के मन में इस समय सवाल है कि क्या राहुल गांधी फिर से पार्टी का नेतृत्व करने के लिए तैयार होंगे। पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद राहुल गांधी ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने हाल ही में कहा था कि चुनाव की तारीख को मंजूरी देना कार्यसमिति पर निर्भर है। अपनी ओर से हम तैयार हैं।
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