भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में अतिवृष्टि के कारण बने बाढ़ के हालातों का हवाई सर्वे करने और लोगों के बीच पहुंचकर उनकी दिक्कतों को समझने के बाद बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की है। चौहान ने पीएम मोदी को बाढ़ के हालातों के बारे में अवगत कराया है। इसके बाद उन्होंने बाढ़ राहत से संबंधित विभागों के एसीएस और प्रमुख सचिव की बैठक लेकर अफसरों को फील्ड में जाने और त्वरित राहत देने के निर्देश दिए और इसके लिए कार्ययोजना बनाकर काम करने को कहा।
मंत्री तुलसी सिलावट की मौजूदगी में उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर, बांधों की जानकारी की समीक्षा की। सीएम ने कहा राजस्व और कृषि विभाग युद्ध स्तर पर जुटकर फसलों का नुकसान, मवेशियों का नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग देखे कि बीमारी न फैले, इसके लिए दवा छिड़काव से लेकर साफ सफाई का काम युद्ध स्तर पर किया जाए।
अभी भी बेतवा जी में चारों तरफ जलसैलाब दिखाई दे रहा है बेतवा और सहायक नदियों ने कई गांवों को डुबो दिया है, शहर के कई घर डूबे हुए हैं।
मैं अभी उनमें से एक बस्ती में जिनके घरों में पानी है, इस बोट के माध्यम से उनसे मिलने आया था। https://t.co/iuD4ynnqbo pic.twitter.com/Rq5Z7i6A74
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) August 24, 2022
मुख्यमंत्री निवास में इस मसले को लेकर हुई हाई लेवल बैठक में सीएम चौहान ने अफसरों से कहा कि उन्होंने बाढ़ की विभीषिका खुद देखी है और यह अच्छी बात है कि हमारे प्रयासों से किसी की जान नहीं गई। सीएम चौहान ने कहा कि कई जगह खंबे टूटे हुए है, ट्रांसफार्मर डूबे हुए हैं, अनेक स्थानों पर सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर, पुल-पुलिया टूटे हैं, बह गए हैं, इन्हे ठीक करने के लिए जुटें। उन्होंने कहा कि वे आज भी विदिशा जिले के कुरवाई और चंबल के भिंड, मुरैना, श्योपुर में बाढ़ का हवाई सर्वे करेंगे।
चंबल उफनी, मुरैना के 200 गांवों के डूबने का खतरा
मुरैना में चंबल नदी राजघाट पर 136 मीटर के जलस्तर पर बह रही है। 138 मीटर खतरे का निशान है। डेंजर जोन में पहुंचने पर चंबल नदी से लगे लगभग 200 गांवों के डूबने का खतरा पैदा हो गया है। इसमें लगभग पचास गांव ऐसे हैं जो सबसे पहले डूब सकते हैं।
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