केंद्र को जयराम 15 दिन में भेजेंगे बल्क ड्रग पार्क की डीपीआर

देश

शिमला
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि केंद्र सरकार से बल्क ड्रग फार्मा पार्क की सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है। सरकार 15 दिन में डीपीआर तैयार कर मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजेगी। पार्क स्थापित होने पर 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 30 हजार लोगों के लिए नौकरियों के द्वार खुलेंगे। भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने पहाड़ी राज्य को औद्योगिक पैकेज दिया था और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बल्क ड्रग पार्क देकर औद्योगिक विकास की नींव को मजबूत किया है।

प्रदेश सचिवालय शिमला में बुधवार को बल्क ड्रग पार्क की ऐतिहासिक सफलता पर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार एक हजार ग्रांट-इन-एड देगी और 190 करोड़ हिमाचल सरकार देगी। भाजपा के एजेंडे में राज्य का औद्योगिक विकास है। कांग्रेस ने अटल सरकार द्वारा 2013 तक दिया गया औद्योगिक पैकेज 2010 में समाप्त कर दिया था। पहाड़ी राज्य में उद्योग केंद्र सरकार के सहयोग के बिना नहीं लग सकते हैैं। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) एशिया का फार्मा हब है। अब ऊना का हरोली में बल्क ड्रग फार्मा पार्क स्थापित होने से चीन से महंगा कच्चा माल मंगवाने की जरूरत नहीं रहेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार के निवेश को आकर्षित करने के प्रयास का विपक्ष ने खूब मजाक उड़ाया। उस समय विपक्ष ने बहुत कुछ कहा था लेकिन ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट का परिणाम देखिए कि पहली ग्राउंड ब्रेङ्क्षकग में गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 13500 करोड़ रुपये का निवेश आया और दूसरी ग्राऊंड ब्रेङ्क्षकग में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में 28000 करोड़ रुपये का निवेश आया। अब परियोजनाएं धरातल पर दिखने लगी हैं। प्रधानमंत्री मोदी का मूलमंत्र है आत्मनिर्भर भारत के तहत हमें अपने पांव पर खड़े होना है। ये बल्क ड्रग फार्मा पार्क उन्हीं की संकल्पना है। बल्क ड्रग पार्क लेने के लिए हिमाचल ने देश के बड़े राज्यों को हर क्षेत्र में चुनौती दी और इसे प्राप्त किया।

चीन पर निर्भरता खत्म होगी
दवा निर्माण के लिए एक्टिव फार्मास्युटिकल इन्ग्रेडिएंट (एपीआइ यानी कच्चे माल) के लिए हमें चीन पर निर्भर रहना पड़ता था। कोरोनाकाल इसका सबसे बड़ा प्रमाण है, जब चीन ने दाम एकाएक बढ़ा दिए थे। अब बल्क ड्रग फार्मा पार्क स्थापित होने से चीन पर निर्भरता खत्म होगी। इससे उद्योगों को देश में ही कच्चा माल उपलब्ध होगा। दवाओं के दाम में भी कमी आने की संभावना है।

तीन रुपये प्रति यूनिट विद्युत
पार्क के लिए 1040.05 एकड़ भूमि में से 39 एकड़ जमीन सरकारी दी गई है। शेष निजी भूमि पर पार्क स्थापित होगा। फार्मा पार्क को 220 मेगावाट विद्युत और रोजाना 10 से 15 एमएलडी पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। 10 वर्ष के लिए बल्क ड्रग फार्मा पार्क को तीन रुपये प्रति यूनिट मूल्य पर विद्युत उपलब्ध करवाई जाएगी। स्टांप ड्यूटी में छूट दी गई।

प्रधानमंत्री व मंत्रियों से हर बार मामला उठाया
मुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि हर बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात में प्रदेश को बल्क ड्रग फार्मा पार्क दिए जाने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री से लगातार संपर्क कर इस विषय पर बातचीत होती रही। पार्क के लिए केंद्रीय मंत्री के घर और आफिस दोनों जगह जाकर मिले। पिछले दिनों प्रदेश को 350 करोड़ का मेडिकल डिवाइस पार्क और अब बल्क ड्रग पार्क मिला है। पहले बल्क ड्रग पार्क नालागढ़ में स्थापित करने की योजना थी। लेकिन औद्योगिक निवेश को दूसरे जिलों में ले जाने का लक्ष्य पूरा करने के लिए इसे ऊना जिले के हरोली में खोला जाएगा।

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