भोपाल
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ा यात्रा में जिलों के बड़े पदाधिकारियों, विधानसभा उम्मीदवार और विधायकों को काम से राहत देते हुए छोटे कार्यकर्ताओं पर काम का बोझ डाल दिया गया है। बड़े सभी नेताओं को अपने जिले से मिलकर सिर्फ 25 लोग ही राहुल गांधी की यात्रा के लिए जुटाने होंगे।
जबकि बूथ के छोटे कार्यकर्ता को घर-घर भेजा जाएगा। इतना ही नहीं वे घर-घर तक गए या नहीं इसके प्रमाण स्वरूप उन्हें उस परिवार के नाम और मोबाइल नंबर पीसीसी को उपलब्ध कराना होंगे। गौरतलब है कि राहुल गांधी की यह यात्रा 25 नवम्बर के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी और करीब 16 दिन तक एमपी में रहेगी। राहुल गांधी की प्रदेश में प्रस्तावित भारत जोड़ा यात्रा में जिलों के जिम्मेदार नेताओं और पदाधिकारियों को प्रचार-प्रसार के साथ ही भीड़ जुटाने के काम में बड़ी राहत मिली है। जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, विधायक और विधायक का चुनाव हारे उम्मीदवारों को मिलकर जिले से राहुल गांधी की यात्रा के लिए सिर्फ 25 लोग जुटाना है। वह भी एक दिन के लिए, जबकि बूथ कार्यकर्ताओ पर इस यात्रा के प्रसार-प्रसार का बोझ डाल दिया गया है।
जानकारी भेजनी होगी कंट्रोल रूम
भारत जोड़ा यात्रा के प्रदेश समन्वयक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि यात्रा में हर दिन 4-4 जिले के 25-25 कार्यकर्ता पदयात्रा में चलेंगे। इनके नाम और मोबाइल नंबर इन सभी नेताओं को इस यात्रा के कंट्रोल रूम में भेजना है। इधर इस यात्रा में सबसे अहम काम बूथ के कार्यकर्ताओं को दिया गया है। उन्हें हर विधानसभा क्षेत्र के हर घर तक पेम्पलेट न सिर्फ पहुंचना होगा, बल्कि जिन जिन घरों में पेम्पलेट दिया गया है, उस परिवार के लोगों के नाम और मोबाइल नंबर पीसीसी तक पहुंचाना होंगे।
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