मॉस्को
यूक्रेन पर रूस के हमले को 6 महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है। वहीं पश्चिमी देशों रूस पर कई तरह के प्रतिबंध भी लगाए हैं। बावजूद इसके रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि इस युद्ध से उन्हें कोई नुकसान नहीं बल्कि फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे रूस का दुनिया पर दबदबा बढ़ेगा। पुतिन का कहना है कि यूक्रेन के खिलाफ यह 'स्पेशनल मिलिट्री ऑपरेशन' सोवियत संघ के विघटने के बाद एक टर्निंग पॉइंट है।
पुतिन रूस की पसिफिक सिटी व्लादिवोस्तोव में ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम में बोल रहे थे। अपने भाषण में उन्होंने यूक्रेन का ज्यादा जिक्र नहीं किया। हालांकि जब उनसे यूक्रेन के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने यही कहा, इस युद्ध से केवल फायदा हुआ है, कोई नुकसान नहीं।
पुतिन ने कहा, ना तो हमने कुछ खोया है और ना ही आगे कोई नुकसान होगा। उन्होंने कहा, कोई भी ऐसा काम जो कि गैरजरूरी और नुकसानदेह होगा, उसे खारिज कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, अगर इस युद्ध से कुछ मिलने की बात है तो मुख्य रूप से हमारी संप्रभुता मजबूत हुई है। इसके अलावा इससे देश अंदर से मजबूत होगा। उन्होंने यह बात भी मानी की इस युद्ध से रूस के अंदर और दुनियाभर में ध्रुवीकरण हुआ है।
बता दें कि बीती 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण कर दिया था। रूस इसे स्पेशल ऑपरेशन का नाम देता है। यूक्रेन के सेना ने भी रूस का सामना किया। इस युद्ध में दोनों तरफ के काफी सैनिक मारे गए हैं बावजूद इसके यूक्रेन ने अब तक घटने नहीं टेके हैं। वहीं पुतिन भले ही इस युद्ध से बहुत कुछ प्राप्त करने की बात कह रहे हैं लेकिन NATO ने इस युद्ध के खिलाफ बड़ी गोलबंदी कर ली है। पूर्वी यूरोप में NATO ने अपनी स्थिति मजबूत की है और अब स्वीडन और फिनलैंड को भी सदस्य बनाने की योजना बना ली है। जबकि रूस का यूक्रेन पर हमला करने के एक यह भी मकसद था कि नाटो को बढ़ने से रोका जाए।
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