भागलपुर
बिहार के भागलपुर में पीरपैंती कोयला खान के ऊपर की मिट्टी भी सोना है। यहां उच्च कोटि का वर्ल्ड क्लास टाइल्स क्ले मिला है। इससे उच्च गुणवत्ता का टाइल्स बनेगा। इसके लिए खान एवं भूतत्व विभाग व्यापक कार्ययोजना बना रहा है। वहां टाइल्स इंडस्ट्री (औद्योगिक हब) लगाने की योजना है।
इंडस्ट्री स्थापित करने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग उद्योग विभाग से संपर्क में है। उसकी मदद से वहां टाइल्स यूनिट स्थापित होगी। यदि किसी कारणवश वहां उद्योग विभाग की सहायता से ऐसी इंडस्ट्री स्थापित नहीं हो सकी, तो खान एवं भूतत्व विभाग खुद इसकी पहल करेगा। ऐसी स्थिति में खनिज निगम यहां अपने स्तर से यूनिट लगाएगा। विभाग इस कार्ययोजना पर काम कर रहा है कि कैसे इस खास मिट्टी का बेहतर उपयोग किया जाए। कितनी मात्रा में टाइल्स बन सकता है, कैसे बन सकता है, यह सब देखा जा रहा है। यहां उद्योग लगने से बिहार सरकार के खजाने में न केवल भारी भरकम राशि आएगी बल्कि बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। माना जा रहा है कि विभाग को जितना राजस्व अभी आता है, उसमें कई गुनी वृद्धि होगी।
इसके अलावा टाइल्स के लिए बाहर के राज्यों पर निर्भरता भी कम होगी। यहां उपलब्ध टाइल्स क्ले से जो टाइल्स बनेगा, उसकी गुणवत्ता काफी उच्च कोटि की होगी, लिहाजा उसे अन्य राज्यों को भेजा भी जा सकता है। उत्पादन बढ़ने पर विदेशों तक उसका निर्यात हो सकेगा।
60 मिलियन टन कोयले का हर साल पीरपैंती में होता है खनन
भागलपुर के पीरपैंती में कोयला का भंडार है। वहां का कोयला ग्रेड-12 कोटि का है और इसका कई उपयोग हो सकता है। वहां जमीन के अंदर 230 मिलियन टन कोयले का भंडार है, लेकिन वह 90 मीटर के बेस में है। खान विकसित होने के बाद हर साल में 60 मिलियन टन कोयले का खनन किया जाएगा। इनके निकट मिर्जापुर में भी 200-300 मिलियन टन कोयले का भंडार मिला है। वहां खनन के लिए अलग से कार्ययोजना बनेगी।
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