गाजियाबाद
'तुम्हारा सिर तन से जुदा होगा। तुम्हारा हश्र कन्हैयालाल और उमेश की तरह होगा।' गाजियाबाद के एक चिकित्सक को फोन पर कुछ इसी तरह की धमकी मिली है। इसके बाद से वो दहशत में हैं। एक न्यूज चैनल से बातचीत में डॉक्टर अरविंद वत्स अकेला ने बताया है कि फोन करने वाले से उनकी 5 मिनट 2 सेकेंड तक बातचीत हुई थी। उन्होंने इस दौरान हुई बातचीत का पूरा ब्योरा दिया है। डॉक्टर अरविंद वत्स अकेला ने कहा कि 1 सितंबर की रात 11 बजे के बाद फोन आया था। मैंने उसको नहीं उठाया। इस फोन नंबर में लगी डीपी को जब मैंने चेक किया तो उसमें कोई नकाब पहने हुए शख्स की तस्वीर थी, तो मैंने नहीं उठाया। अगले दिन 2 सितंबर को उसका फोन आया था। मेरी लगभग 5 मिनट 2 सेकेंड उससे बातचीत हुई है।
डॉक्टर अरविंद वत्स अकेला ने बताया, 'जैसे ही मैंने उन्हें फोन उठाया तो उन्होंने कहा कि डॉक्टर अकेला बोल रहे हो। मैंने कहा, हां..तो इसके बाद उसने कहा कि मैं तुम्हें कन्हैया कुमार और उमेश कुमार के पास भेज रहा हूं। तो मैंने बोला कि क्या बात हो गई। इस पर उसने कहा कि तुम हिंदू संगठन की बात करते हो। मैं देखता हूं कि तुम्हारा मोदी, धोधी, योगी और यति नरसिंहानंद जो तेरा गुरु है वो खुद बिल में दुबका पड़ा है। तेरे को क्या बचाएगा। हमने तुम्हारी सारी रेकी कर ली है। हमें पता है कि तू कहां रहता है, क्या करता है और कहां जाता है। गुस्ताख-ए-रसूल की एक ही सजा सर तन से जुदा। इसपर मैंने कहा कि मैंने तो ऐसी कोई पोस्ट भी नहीं डाली है। क्या बात हो गई? तो उन्होंने कहा कि वो तुझे पता चल जाएगा।
डॉक्टर अरविंद वत्स लोहिया नगर की अंबेडकर कॉलोनी के रहने वाले हैं। फोन पर धमकी मिलने के बाद उन्होंने सिहानी गेट थाने में इसकी शिकायत भी दर्ज करवाई है। पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर इसकी जांच शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि डॉक्टर अरविंद करीब 24 साल से प्रैक्टिस कर रहे हैं। वह कई हिंदू संगठनों से भी जुड़े हैं। वह हिंदू स्वाभिमान मंच के यूपी और बिहार प्रभारी भी हैं। इस संगठन के संरक्षक डासना देवी मंदिर के पीठाधीश्वर और श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी हैं।
बता दें कि राजस्थान के उदयपुर में एक दर्जी कन्हैयालाल की गला काट कर निर्मम हत्या कुछ वक्त पहले कर दी गई थी। हत्या के बाद आरोपियों ने अपना एक वीडियो भी बनाया था, जिसमें वो गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा सर धड़ से जुदा की बात कह रहे थे। यह भी पता चला था कि नूपुर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट डालने पर कन्हैयालाल की हत्या की गई थी। इस मामले में हत्यारों को बाद में गिरफ्तार भी कर लिया गया था। अमरावती में केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या भी इसी तरह समाज में सद्भावना बिगाड़ने के मकसद से की गई थी।
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