प्रयागराज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश दिए जाने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका की सुनवाई नहीं हो सकी। याची अधिवक्ता का वकालतनामा पत्रावली पर मौजूद न होने पर दाखिल करने का कोर्ट ने समय दिया और अगली सुनवाई की तिथि 27 सितंबर नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल ने मऊ जिले के नवल किशोर शर्मा की याचिका पर दिया है। पहले याचिका व्यक्तिगत रूप में दाखिल की थी।
बाद में वकील रखा है। याचिका में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राजस्थान के अलवर में दिए गए भाषण से धार्मिक आस्था और भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला करार देते हुए शिकायत दर्ज कराने की मांग की गई है। याचिका पर राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल व अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम एके सण्ड ने पक्ष रखा।
निदेशक फिसरीज को मत्य पालन टेका विवाद तय करने का निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निदेशक मत्स्य पालन उत्तर प्रदेश लखनऊ को जौनपुर में मछली शहर के सुजानगंज कस्बा स्थित तालाब की नीलामी विवाद का निस्तारण तीन माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सी के राय ने शीतला प्रसाद नाविक की याचिका पर दिया है।
याचिका पर बीडी निषाद ने बहस की। इनका कहना है कि तालाब की नीलामी में तीन लोगों ने बोली लगाई। पहली बोली वाले ने स्वयं को अलग कर लिया तो दूसरे नंबर पर याची को बोली राशि जमा करने को कहा गया। याची इंतजाम करने गया तो उसका दावा निरस्त कर ठेका तीसरी बोली वाले को दे दिया गया। याची ने निदेशक के समक्ष आपत्ति की है कि उसे सुनवाई का मौका दिए बगैर उसका हक छीना जा रहा है। कोर्ट ने निदेशक को याची का प्रत्यावेदन तय करने का निर्देश दिया है।
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