- सड़क में पशुओं को छोड़ने वाले पशुपालकों की पहचान कर दर्ज कराई जायेगी एफआईआर – कलेक्टर
- कलेक्टर ने आमजन से पशुओं को सड़क में न छोड़ने की अपील की
रीवा
सड़क में विचरण करने वाले पशुओं को अभियान चलाकर गौशाला भेजा जायेगा। आगामी दो दिन में सड़क में पशुओं को छोड़ने वाले पशुपालकों की पहचान की जायेगी तथा उनके विरूद्ध पुलिस में पशुक्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी भी दर्ज कराई जायेगी। उक्त आशय के निर्देश कलेक्टर मनोज पुष्प ने बैठक में दिये। इस दौरान पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत स्वप्निल वानखेड़े व विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्ट्रेट के बाणसागर सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिये कि जिन विभागों की सड़कों में आवारा पशु मिलें उनमें लगे टैग से पशुपालकों की पहचान कराकर उनके विरूद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज करायें तथा उपलब्ध संसाधनों से संबंधित गौशालाओं में पशुओं को भेजने की व्यवस्था करायें। उन्होंने कहा कि सड़क के किनारे पशुओं को बांधने वालों के विरूद्ध भी कार्यवाही की जायेगी। सघन अभियान चलाकर सभी राजमार्ग एवं अन्य सड़कों में विचरण करने वाले पशुओं को पकड़ने की कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन पशुपालकों के पशु गौशालाओं में रखे जायेंगे वहां से उन्हें छोड़ने पर एक हजार रूपये जुर्माना भी भरना होगा। उल्लेखीय है कि पशुओं में टैग के आधार पर पशुपालकों की पहचान का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
कलेक्टर की अपील:- कलेक्टर ने पशुपालकों से अपील की है कि सड़क में बेसहारा पशुओं को न छोड़ें तथा सड़क के किनारे इन्हें न बांधे। उन्होंने कहा कि पशुओं के सड़क में विचरण करने से दुर्घटना होने पर मनुष्यों की जान जा सकती है साथ ही पशु भी दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। उन्होंने आमजन से अपील की है कि पशुओं व मनुष्यों के जीवन को बचाने में सहयोग करें तथा पशुओं को न छोड़ें। बैठक में उप संचालक पशुपालन डॉ. राजेश मिश्रा सहित विभिन्न सड़क निर्माण से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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