चाइल्ड केयर लीव के लिए अब जन्म प्रमाणपत्र से लेकर हेल्थ रिकार्ड भी जरूरी

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल
अपने नाबालिग बच्चे की देखरेख के लिए 730 दिन की मिलने वाली चाइल्ड केयर लीव के लिए प्रदेश सरकार ने तीन तरह के फार्मेट में जानकारी देने के निर्देश जारी किए हैं। अब चाइल्ड केयर लीव के आवेदन के साथ कर्मचारियों को हेल्थ रिकॉर्ड के साथ-साथ एजुकेशनल रिकॉर्ड भी प्रस्तुत करना होगा।

प्रदेश के सरकारी अफसरों और कर्मचारियों को अब चाइल्ड केयर लीव लेने के लिए जन्म प्रमाणपत्र से लेकर हेल्थ और शैक्षणिक रिपोर्ट कार्ड और विद्यालय संस्थान का परीक्षा कार्यक्रम का पूरा ब्यौरा भी देना होगा। वित्त विभाग ने इस संबंध में अब इस संबंध में विस्तृत नियम-निर्देश जारी कर तीन तरह के फार्मेट में जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है।

वित्त विभाग ने सभी विभागों, विभागाध्यक्ष, राजस्व मंडल ग्वालियर और सभी कलेक्टरों को इस संबंध में निर्देश जारी किए है। चाइल्ड केयर लीव के लिए आवेदक द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले आवेदन पत्र के साथ अब नियंत्रणकर्ता अधिकारी की अनुशंसा और अभिलेख संधारण की दृष्टि से तीन फार्मेट में जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है। संतान पालन अवकाश के लिए जो आवेदन दिया जाएगा अब उसमें आवेदक का नाम, पदनाम, विभाग, अनुभाग, नियमित सेवा में आने की तिथि, प्रोबेशन पीरियड पूरा होने की तिथि, संतान का नाम जिसके लिए चाइल्ड केयर लीव हेतु आवेदन किया गया है उसका  ब्यौरा भी देना होगा। संतान की जन्मतिथि, संतान की आयु कब 18 वर्ष हो रही है उसकी जानकारी। इसके अलावा संतान जिसके लिए अवकाश लिया जा रहा है वे दो सबसे बड़ों में से है इसका भी विवरण देना होगा।

नियंत्रणकर्ता अधिकारी की टिप्पणी भी मांगी
अवकाश को लेकर संबधिम कर्मचारी, अधिकारी के नियंत्रणकर्ता अधिकारी की क्या टिप्पणी है वह भी उस अधिकारी के हस्ताक्षर, पदनाम और कार्यालय के ब्यौरे के साथ देना होगा। नियंत्रण अधिकारी को भी चाइल्ड केयर लीव का विरण रखने के लिए फार्मेट तय किया गया है। इसमें कुल संतान पालन अवकाश की पात्रता, उपयोग किया गया संतान पालन अवकाश, पूर्व में स्वीकृत संतान पालन अवकाश से वापिस आने का दिनांक, शेष संतान पालन अवकाश की पात्रता और वर्तमान में प्रस्तावित संतान पालन अवकाश का ब्यौरा भी रखना अनिवार्य कर दिया गया है।

जन्म प्रमाणपत्र से लेकर हेल्थ रिपोर्ट भी जरुरी
 बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र की स्वप्रमाणित प्रति  के अलावा चिकित्सा प्रमाणपत्र, शैक्षणिक रिपोर्टकार्ड और विद्यालय,संस्थान का परीक्षा कार्यक्रम और अन्य ब्यौरा भी देना होगा।

यह मांगी जानकारियां
संतान का नाम, पुत्र, पुत्री का ब्यौरा, जन्म दिनांक, अठारह वर्ष पूरी होंने की दिनांक का ब्यौरा और आवेदन दिनांक को संतान पालन अवकाश की उपलब्धता का ब्यौरा देना होगा। अवकाश कब तक चाहिए, कितने दिन का चाहिए और अवकाश की अवधि में कोई उपसर्ग, प्रत्यय हो तो उसका ब्यौरा देना होगा। आवेदित अवकाश का कारण भी बताना होगा। इसमें मुख्यालय से बाहर जाने की अनुमति जरुरी है या नहीं और अवकाश के दौरान का पता भी बताना होगा।  अंतिम अवकाश से वापसी की तिथि भी बताना होगा। 18 वर्ष से कम आयु की दो वरिष्ठ जीवित संतानों का ब्यौरा भी देना होगा।

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