नई दिल्ली
यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को भारत सरकार किसी तरह देश वापस तो ले आई थी, लेकिन उन छात्रों की पढ़ाई को लेकर सरकार की ओर से अभी तक कोई पुख्ता इंतजाम या फिर व्यवस्था तय नहीं हुई है। ऐसे में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खत लिखा है, जिसमें उन्होंने यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों को भारतीय निजी कॉलेजों में समायोजित करने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है।
क्या कहा है स्टालिन ने?
एमके स्टालिन ने अपने इस खत में विदेशों में उपयुक्त कॉलेजों की पहचान करने और प्रक्रिया के केंद्र में समन्वय करने के लिए एक ड्राफ्ट तैयार करने का भी अनुरोध किया है। एमके स्टालिन ने इस खत में यूक्रेन से लौटे भारतीयों के लिए अतिरिक्ट सीटें भी तैयार करने का आग्रह किया है। इस खत में एमके स्टालिन ने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र के उस रूख पर नाराजगी जाहिर की है, जिसमें कहा गया था कि यूक्रेन से लौटे भारतीयों को यहां के कॉलेजों में दाखिला नहीं दिया जा सकता।
पीएम मोदी को लिखे खत में एमके स्टालिन ने कहा है कि विदेश मामलों की लोकसभा समिति ने सिफारिश की थी कि यूक्रेन से लौटे छात्रों को देश के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिया जा सकता है। इस सिफारिश से भारतीय छात्रों को एक उम्मीद जगी थी, लेकिन केंद्र सरकार के एकदम विपरीत रूख ने इन छात्रों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है, केंद्र को इस पर फिर पुनर्विचार करना चाहिए।
एमके स्टालिन ने कहा कि यदि यूक्रेन से लौटे भारतीय छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडजस्ट करना मुश्किल है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मेरा यह अनुरोध है कि वो एक बार के उपाय के रूप में अतिरिक्त सीटें बनाकर उन्हें निजी कॉलेजों में दाखिला दिला दें।
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