भोपाल
नगर निगम के नवनिर्वाचित पार्षदों को आधा साल बीतने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा। दरअसल शहर के संपत्तिकर के रूप करदाताओं द्वारा जमा कराई जाने वाली राशि का सिर्फ आधा हिस्सा ही पार्षदों को मिलेगा। ज्ञात हो कि संपत्तिकर का 50 फीसदी हिस्सा पार्षदों को मिलता है, लेकिन आधा साल बीत चुका है। इस कारण अब पार्षदों को अब सिर्फ 25 प्रतिशत राशि दी जाएगी। यानी पिछले साल हुई वसूली के आधार पर हर वार्ड में विकास कार्यों के लिए 15 से 25 लाख रुपए तक मिलेंगे। शुक्रवार को हुई एमआईसी की बैठक में इस बात का फैसला हो चुका है। जिस पर अधिकारिक निर्णय अगली एमआईसी की बैठक में लिया जाएगा।
पिछले साल हुई 70 करोड़ की वसूली
पिछले साल शुद्ध संपत्ति कर के रूप में शहर में लगभग 70 करोड़ की वसूली हुई थी। इसमें संपत्ति कर के साथ वसूले जाने वाले समेकित कर और शिक्षा उपकर आदि शामिल नहीं हैं। नई निगम परिषद के गठन के बाद से ही पार्षद निधि स्वीकृत करने और संपत्तिकर का 50 प्रतिशत हिस्सा वार्ड में ही खर्च करने की मांग कर रहे थे। इससे वार्डों में सड़कों और नालियों के निर्माण और सुधार जैसे काम हो सकेंगे।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

