इस्लामाबाद
इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को उन पर आतंकी मामलों में लगी एटीए (आतंकवाद विरोधी अधिनियम) धाराओं से राहत का आदेश दिया है. दरअसल इमरान खान पर महिला जज को धमकी देने का आरोप था. एक रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने आदेश जारी किया कि वो इमरान खान के ऊपर लगे सारे आतंकी मामले हटा रही है.
गौरतलब है कि पिछले महीने आयोजित एक रैली में 69 वर्षीय इमरान खान ने देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार अपने सहयोगी शहबाज गिल के साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार को लेकर शीर्ष पुलिस अधिकारियों, चुनाव आयोग और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की धमकी दी थी. उन्होंने इस दौरान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेबा चौधरी का विशेषतौर पर नाम लिया था. पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह ‘‘कार्रवाई के लिए तैयार रहें.’’
इस बयान के कुछ घंटों के बाद ही पुलिस, न्यायपालिका और अन्य राजकीय संस्थानों को धमकी देने के आरोप में इमरान खान के खिलाफ आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया. अदालत ने पिछले सप्ताह मामले में पूर्व प्रधानमंत्री खान की जमानत अवधि बढ़ाकर 20 सितंबर तक कर दी थी और उन्हें जांच के लिए इस्लामाबाद पुलिस की संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया था. इमरान खान बुधवार को पूछताछ के लिए जेआईटी के समक्ष उपस्थित हुए थे.
बुधवार को जेआईटी के समक्ष उपस्थित होने से पहले इमरान खान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह मामला एक मजाक है. उन्होंने कहा, ‘‘यह पूरी दुनिया के सामने मजाक है. क्योंकि सभी मुझे जानते हैं, पूरी दुनिया में खबर छपी कि मेरे खिलाफ आतंकवाद के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है.’’
हालांकि पूछताछ के बाद आज सोमवार को इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने इमरान खान को आतंकवाद रोधी आरोप से बरी कर दिया है और उन पर जनसभा, रैलियों को संबोधित करने पर लगा प्रतिबंध भी हटा लिया गया है.
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