गोरखपुर
भारी वर्षा का असर नदियों के जलस्तर पर नजर आ रहा है। सोमवार को सरयू नदी खतरे के निशान से 42 सेमी ऊपर बह रही थी। राप्ती नदी ने इस साल पहली बार चेतावनी बिन्दु को पार कर लिया। दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि जारी है। इसी तरह खतरे के निशान से ऊपर बह रही रोहिन नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए प्रशासनिक महकमा अलर्ट हो गया है।
दो गांव हुए जलमग्न
नदी खतरे के निशान से एक सेमी नीचे बह रही है। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण गोला तहसील के दो गांव जलमग्न हो गए हैं। लोगों के आवागमन के लिए एक-एक मझौली नाव लगाई गई है।
लगातार बढ़ रहा है सरयू नदी का जलस्तर
अयोध्या पुल के पास सोमवार की शाम पांच बजे सरयू नदी का जलस्तर 93.15 मीटर रिकार्ड किया गया। इस नदी का खतरे का निशान 92.73 मीटर है। नदी पिछले आठ घंटे में पांच सेमी बढ़ी है। राप्ती नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। आठ घंटे में नदी 11 सेमी बढ़ी है। इस नदी का चेतावनी बिन्दु 73.98 मीटर, जबकि खतरे का बिन्दु 74.98 मीटर है। राप्ती नदी चार बजे 74.21 मीटर पर बह रही थी। रोहिन नदी का जलस्तर 82.43 मीटर रिकार्ड किया गया। पिछले आठ घंटे में नदी के जलस्तर में दो सेमी की कमी आई है।
बढ़ाई गई तटबंधों की निगरानी
जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने बताया कि सतर्कता बरती जा रही है सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि गोला तहसील का ज्ञानकोल गांव मैरुंड हो गया है। लोगों के आवागमन के लिए यहां एक मझौली नाव लगाई गई है। इसी तरह कोरिया निरंजन गांव भी सरयू नदी के पानी से घिर जाने के कारण एक मझौली नाव लगाई गई है। जिला आपदा विशेषज्ञ ने बताया कि सभी तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
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