सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों समाधान नहीं होने पर CM शिवराज ने जताई नाराजगी

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सागर में बिजली कटौती और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर समाधान नहीं होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कानून व्यवस्था के कामकाज में भी और कसावट लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जल जीवन मिशन के काम धीमे होने पर अधिकारियों से इस काम में गंभीरता बरतने के लिए कहा है। उन्होंने जनसेवा अभियान, आंगनबाड़ी, संस्थागत प्रसव के कार्यों की सराहना भी की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई बैठक में मंत्री गोपाल भार्गव भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री चौहान ने सागर जिले की समीक्षा के दौरान अफसरों से जल जीवन मिशन के काम की प्रगति कमजोर होने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि काम का प्रतिशत कम क्यों है? समूह पेयजल योजना की गुणवत्ता देखी क्या? जो कार्य सड़क खोदकर करते हैं वे समय पर रीस्टोर हो रहे हैं या नहीं? उन्होंने कहा कि कमिश्नर का योजनाओं को लेकर क्या आब्जर्वेशन है? उन्होंने एकल जल योजनाओं में शिकायत मिलने पर भी नाराजगी जताई। सीएम ने कहा कि जब तक मजबूत स्त्रोत न हो तब तक पाइप न बिछाएं। स्टॉप डेम, चेक डेम, तालाब आदि की संरचना बढ़ाएं। उन्होंने पीएम आवास समय पर तैयार कराने के निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भू आवासीय योजना के लिए जमीन चिन्हित की है क्या? अभियान चलाएंगे तो कहां प्लाट देंगे। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में आवास योजना ग्रामीण में शिकायत आई है। इसकी जांच कराएं और रोजगार सहायक जिसने गड़बड़ी की है उसकी सेवा समाप्त करो, जेल भेजो। जिन हितग्राहियों की राशि दूसरे खातों में पहुंची है। उन्हें राशि वापस दिलाने के लिए क्या कार्रवाई होगी? इसे फिर से चेक करो। एक-एक शिकायत की जांच हो। इसमें अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है।

सागर को समर्पित होगी लाखा झील
सीएम चौहान ने लाखा बंजारा झील का अपडेट लिया और कहा कि यह नये वर्ष में सागर को समर्पित करना है। उन्होंने बिजली सप्लाई बाधित होने पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि मेरे पास बिजली आपूर्ति की शिकायतें हैं। चीफ इंजीनियर ने कहा कि बारिश के चलते परेशानी बढ़ी है। आंधी तूफान के चलते भी हुआ है। इस पर सीएम ने कहा कि अगर आप पूरा पूरा प्रयास कर रहे हैं और ये शिकायतें हैं तो व्यवस्था में खामी है। बिजली में हम 24 हजार करोड़ की सब्सिडी दे रहे हैं। संतुष्टि न हो जनता को, तो क्या फायदा है। उन्होंने स्व सहायता समूहों के माध्यम से पोषण आहार वितरण की भी जानकारी ली।

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