अंत्योदय के प्रणेता थे पंडित दीनदयाल उपाध्याय – नरेंद्र पाणिग्राही

छत्तीसगढ़ रायपुर

जगदलपुर
भाजपा के शांतिनगर शक्ति केंद्र के मदर टेरेसा वार्ड क्र. 26 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई गई एवं वार्ड वासियों के साथ नरेंद्र मोदी के मन की बात भी सुनाई गई। इस अवसर पर परेश ताटी, मालती सिंह, योगेश मिश्रा, राजकुमार सिंह, चंद्रभान सिंह, हरिशंकर सिंह, अरुण शर्मा, आर्यन यादव, सन्नी राहत, प्रिंस यादव, प्रतीक यादव, राकेश यादव एवं शक्ति केंद्र एवं बूथ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।

शांतिनगर शक्ति केंद्र के मुख्य अतिथि नरेंद्र पाणिग्राही ने कहा कि प. दीनदयाल उपाध्याय का जन्म आज 25 सितम्बर 1916 को हुआ था। वे अंत्योदय एवं एकात्म मानववाद के प्रणेता रहे। दीनदयाल उपाध्याय देश की एकता और अखंडता के लिए सदैव समर्पित रहे। उनका मानना था कि राष्ट्र की निर्धनता और अशिक्षा को दूर किए बिना वास्तविक उन्नति संभव नहीं है। निर्धन और अशिक्षित लोगों की उन्नति के लिए उन्होने अंत्योदय की संकल्पना का सुझाव दिया। उनका कहना था अनपढ़ और मैले कुचैले लोग हमारे नारायण हैं। हमे इनकी पूजा करनी है यह हमारा सामाजिक दायित्व और धर्म है।

पाणिग्राही ने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय ने अपने मौलिक चिंतन, श्रेष्ठ लेखन, पत्रकारिता, प्रभावशाली वक्ता,  संगठनकर्ता और जन जुड़ाव के माध्यम से अपनी अंतिम सांसों तक भारत वर्ष की अतुलनीय सेवा की, उनके महान त्याग, संघर्ष और चिंतन के योगदान के लिए यह राष्ट्र सदैव उनका आभारी रहेगा। उनके सकल्प और बलिदान के प्रति कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से यही सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।

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