रायपुर
राजस्व अधिकारियों की बैठक में आज कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे ने सभी राजस्व अधिकारियों को नागरिकों की सुविधा और समस्याओं के समाधान के लिए राजस्व मामलों का निराकरण यथासंभव निर्धारित समय-सीमा में करने के दो टूक निर्देंश दिए है। डॉ. भुरे ने जमीन से जुड़े सभी अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व वसूली और डायवर्सन आदि के प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में ही निराकृत करने को कहा। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों, ग्रामीणों या अन्य किसी भी नागरिक को अपने जमीन संबंधी मामलों के लिए बेवजह कार्यालयों के चक्कर न काटना पड़े, इसलिए सभी प्रकरणों का लोकहित में समय-सीमा में निराकरण किया जाए।
कलेक्टर ने नजूल पट्टो के नवीनीकरण के लिए नगरीय निकायों में शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजीव गांधी ग्रमीण भूमिहीन कृषि मजदूर सहायता योजना के तहत प्राप्त आवेदनों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। डॉ भुरे ने अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पंजीयन के लिए सर्वे के काम में भी तेजी लाने को कहा। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को सभी लंबित प्रकरणों का भौतिक सत्यापन कर प्राथमिकता क्रम में निपटारा करने और इसकी हर हफ्ते मॉनिटरिंग करने के निर्देंश दिए। डॉ. भुरे ने लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से आय, जाति, निवास आदि प्रमाण-पत्र बनाने के लिए मिले आवेदनों का भी शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही निराकरण करने के निर्देंश राजस्व अधिकारियों को दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त मयंक चतुवेर्दी, अपर कलेक्टर विरेन्द्र बहादुर पंचभाई सहित सभी अनुविभागों के राजस्व अधिकारी, तहसीलदार और कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ राजस्व अधिकारी मौजूद रहें।
रायपुर जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी आई है। जिले में दर्ज कुल राजस्व प्रकरणों में से 89 प्रतिशत प्रकरणों का निराकरण करा लिया गया है। जिले में अब लगभग 11 प्रतिशत प्रकरण ही निराकरण के लिए लंबित बचें है। जिले के राजस्व न्यायालयों में 1 लाख 11 हजार 761 प्रकरण कार्रवाई के दर्ज हुए है। इनमें से 99 हजार 505 प्रकरणों का निराकरण कर लिया गया है। दस्तावेजों की कमी, पक्षकारों के समय पर न्यायालय में उपस्थित नहीं होने या मामलों पर गंभीर विवाद की स्थिति होने के कारण अभी भी 12 हजार 256 प्रकरण निराकरण के लिए लंबित है। कलेक्टर डॉ. भुरे ने राजस्व प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने के निर्देंश सभी अधिकारियों को दिए है। उन्होंने तीन माह से लेकर 12 माह तक के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत करने को कहा है। साथ ही पक्षकारों को भी अपने प्रकरणों के निराकरण में गंभीरता दिखाने की सलाह दी है। कलेक्टर ने अगले एक महीने में दो हजार से अधिक प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य निर्धारित कर कायार्योजना अनुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने रायपुर और आरंग राजस्व अनुभागों में दो से लेकर पांच वर्षो से लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में भी विशेष प्रयास करने को कहा।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

