अंतिम छणों में अध्यक्ष की रेस से पीछे हटे दिग्विजय, बनेंगे खड़गे के प्रस्तावक

राजनीती

नई दिल्ली
कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव को लेकर बना सस्पेंस नामांकन के आखिरी दिन अब खत्म होता दिख रहा है। दो दिनों से अध्यक्ष पद की रेस में दिख रहे दिग्विजय सिंह अब इससे हट गए हैं। शुक्रवार को नामांकन के आखिरी दिन उन्होंने इसका ऐलान किया है। दिग्विजय सिंह ने गांधी परिवार से वफादारी का नाम लेते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे के समर्थन में बैठने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मैंने मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की और कहा कि यदि आप फॉर्म भर रहे हैं तो मैं आपके साथ हूं। मैंने साफ कहा कि आपके खिलाफ लड़ने की मैं सोच भी नहीं सकता हूं। इसलिए मैंने अब तय किया है कि उनका प्रस्ताव बनूंगा।

मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि  मैं तीन बातों पर समझौता नहीं करता। पहला गरीब, दलित और आदिवासी के हित। इसके अलावा सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष। तीसरा विषय यह है कि मैं गांधी-नेहरू परिवार के प्रति वफादार हूं। दिग्विजय सिंह के समर्थन के बाद अब अध्यक्ष पद की रेस में मल्लिकार्जुन खड़गे और जी-23 के नेता शशि थरूर ही बचे हैं। माना जा रहा है कि मल्लिकार्जुन खड़गे को गांधी परिवार का आशीर्वाद प्राप्त है। ऐसे में ज्यादातर नेता उनके नाम पर ही वोट कर सकते हैं और उनकी जीत तय मानी जा रही है।

कुछ ही देर में वह नामांकन दाखिल करेंगे। इस मौके पर दिग्विजय सिंह प्रस्तावक के तौर पर होंगे। उनके अलावा भी कई नेता मौजूद रहेंगे। इस रेस से हटे अशोक गहलोत भी उनसे मुलाकात करने पहुंचे हैं। बता दें कि सबसे पहले अशोक गहलोत का नाम ही गांधी परिवार के आशीर्वाद प्राप्त उम्मीदवार के तौर पर आगे चल रहा था, लेकिन वह पीछे रह गए। यहां तक कि अब उनकी राजस्थान सीएम की कुर्सी पर भी संशय पैदा हो गया है। अगले कुछ दिनों में राजस्थान में विधायक दल की मीटिंग होने वाली है। इसमें राजस्थान के सीएम को लेकर फैसला हो सकता है।

भाजपा से बोले कांग्रेस नेता- देखो कैसे होता है चुनाव

इस बीच कांग्रेस ने अध्यक्ष पद के चुनाव के बहाने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा अपनी आंख खोलो और देखो की कांग्रेस में चुनाव होता है आपके यहां नहीं होता। प्रमोद तिवारी ने कहा कि दिग्विजय सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और उन्होंने निर्णय लिया है कि वे खड़गे जी के प्रस्तावक बनेंगे। उनको मैं प्रणाम करता हूं। गांधी परिवार ने इस चुनाव में कुछ दखल नहीं दिया।

 

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