डोंगरगढ
आस्था और भक्ति का प्रवाह डोंगरगढ के मां बम्लेश्वरी में देखते ही बन रहा है जब चौबीसो घंटे भक्तों का आना जाना लगा है। कोरोनाकाल के बाद इस बार क्वांर नवरात्र पर डोंगरगढ़ में मेला लगा है। करीब 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु विभिन्न माध्यमों से यहां पहुंचेंगे। मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति के मुख्य पुजारी पं. युवराज शर्मा ने बताया कि नवरात्र पर माता के नौ रूपों का पूजन हो रहा है। जिसमें प्रथम दिवस शैलपुत्री, द्वितीय ब्रम्ह ारिणी, तृतीय चंद्रघंटा, चतुर्थ कुष्मांडा, पंचमी स्कंद माता, षष्टी कात्यायनी के रूप में पूजी जा चुकी हैं। रविवार को सप्तमी पर कालरात्रि, अष्टमी महागौरी व नवमी को सिद्धिदात्री के रूप में माता देवी मंदिरों में पूजी जाएगी। इस दौरान भक्तों द्वारा प्रत्येक दिन अलग अलग रंग के नए वस्त्र माता को धारण कराया जा रहा है। सुबह 5 बजे रोज माता का श्रृंगार किया जा रहा है। सप्तमी में विशेष कालरात्रि अभिषेक होगा।
इधर पदयात्रियों के लिए बार 22 सेवा पंडाल लगाए गए हैं। वहीं ट्रैफिक के लिए अंजोरा से दांयीं ओर पदयात्रियों को चलना पड रहा है। पंडालों में नाश्ता, भोजन के अलावा चिकित्सा सुविधा भी मिल रही है। वहीं आठ स्पेशल ट्रेनों का स्टॉपेज भी डोंगरगढ़ में दिया गया है।
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