भोपाल
राज्य शासन की सतर्कता और प्रभावी उपायों से प्रदेश में लंपी चर्म रोग काफी हद तक काबू में कर लिया गया है। प्रदेश के 31 जिले अगस्त-सितंबर में इसकी चपेट में आ गये थे। शासन द्वारा लगातार टीकाकरण, पशुपालकों को समझाइश और पशुपालन विभाग के चिकित्सकों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ग्रामीण इलाकों के सतत भ्रमण से बिमारी पर अंकुश लगा है।
प्रदेश में 13 अक्टूबर तक 20 हजार 874 गौवंश लंपी रोग से प्रभावित हो चुका है। इनमें से 18 हजार 351 पशु रोग मुक्त हो चुके हैं। वहीं मृत पशुओं की संख्या 336 है। अब तक 17 लाख 21 हजार 585 पशुओं का टीकाकरण हो चुका है। प्रदेश में आवश्यकता से अधिक वैक्सीन उपलब्ध है। सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में समय रहते औषधियाँ उपलब्ध करा दी गई थी।
लंपी चर्म रोग
प्रदेश में रतलाम 1518, उज्जैन 1603, नीमच 1159, मंदसौर 1360 , आगर-मालवा 311 शाजापुर 23, देवास 119, खंडवा 1547, इंदौर 355, झाबुआ 717, धार 2554, बुरहानपुर 491, अलीराजपुर 730, खरगौन 616, बड़वानी 569, बैतुल 2501, हरदा 1047, राजगढ़ 99, नर्मदापुरम 261, सीहोर 38, भिंड 240, मुरैना 1803, श्योपुर 294, ग्वालियर 603, शिवपुरी 233, दतिया 40, गुना 25, अशोकनगर 7, नरसिंहपुर 2, बालाघाट 4 और जबलपुर जिले में 5 पशु लंपी चर्म रोग से प्रभावितहुए हैं।
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