रायपुर
दीपावली ऐसा त्यौहार हैं जिसमें सबसे ज्यादा मिठाई की खपत होती है.सभी प्रकार की मिठाईयां बिक्री के लिए तैयार होने लगे हैं। लेकिन खोवे से बनने वाली मिठाईयों की मियाद निश्चित समय के लिए होती है इसलिए त्यौहार करीब आने के समय ही तैयार होते हैं। अब नए नियमों के आने से दुकानदार भी जरा संभलकर तैयार करते हैं फिर भी त्यौहारी खरीद इतनी होती है कि कुछ कथित लोग मिलावट कर भी मिठाई खपा देते हैं। जांच तो होते हैं पर सैंपल लेकर जब तक रिपोर्ट आती है तब तक खरीददार भी पस्त पड़ जाता है। पहले के केस ही इतने लंबित हैं कि आज तक रिपोर्ट नहीं आ पाए तो आगे की क्या उम्मीद रखें?
गौरतलब है कि धनतेरस के साथ ही मिठाई की खरीदी तेज होगी लेकिन अब तक फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट की टीम न तो मिलावटी मिठाईयों की जांच के लिए फील्ड में उतरी है न ही साफ सफाई देखने। जबकि मिठाई दुकानों के खिलाफ 300 से ज्यादा मिलावट के केस एडीएम की कोर्ट में लंबित हैं। उन पर कोई फैसला नहीं हुआ है।
अब अगर फूड विभाग मिठाई के सैंपल जांच के लिए कलेक्ट करेगा तो रिपोर्ट दीपावली के बाद आएगी। क्योंकि एक सैंपल की जांच में न्यूनतम 14 दिन लगते हैं। पड़ताल में पता चला है कि राजधानी की 4 हजार से ज्यादा होटलों, मिठाई की दुकानों और रेस्तरां में एक भी बड़ी मिठाई की दुकान ऐसी नहीं है जिसका सैंपल पूर्व में जांच के दौरान फेल नहीं हुआ है। खाद्य एवं औषधि नियंत्रक विभाग का कहना है कि अभियान चलाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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