गलवान में चीन को मिला था गहरा घाव, CPC की बैठक से पहले दिखाया वीडियो

देश

 नई दिल्ली
 
चीन में सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी चाइना की सबसे अहम बैठक बीजिंग में शुरू हो गई है। इस मौके पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लंबी-चौड़ी रिपोर्ट पढ़कर सुनाई। यह भी लगभग तय ही है कि जिनपिंग अभी चीन की सत्ता पर काबिज रहेंगे। ग्रेट हॉल में बैठक शुरू होने से पहले ही गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प की क्लिप भी दिखाई गई। इसीसे अंदाजा लगाया जा सकता है कि चीन अपनी विस्तारवादी नीति और भारत की रणनीति को कितना तवज्जो देता है और आने वाले समय में उसकी क्या पॉलिसी होगी।

इस बड़ी बैठक में पीपल्स लिबरेशन आर्मी 304 सैन्य अधिकारियों को बुलाया गया था। उन्हीं में की फाबाओ भी शामिल थे। बैठक में कुल 2300 लोग बुलाए गए थे। की फाबाओ पीएलए में रेजिमेंट कमांडर हैं। ग्रेट हॉल में चीनी सरकार की उपलब्धियों को बताने वाला जो वीडियो चलाया गया उसमें यह भी दिखाया गया कि फाबाओ भारतीय सैनिकों की तरफ दौड़ रहे हैं। यह वीडियो 15 जून 2020 का है।

भारत-चीन सीमा विवाद का जिक्र
फाबाओ उन चीनी सैनकों में से थे जो इस झड़प में घायल हो गए थ। दिखाई गई क्लिप पीएलए के सोर्स से ही थी। गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया था। शी जिनपिंग के भाषण से पहले जो वीडियो दिखाया गया उसमें इस क्लिप को जगह  दी गई। शी जिनपिंग ने संकेत में भारत और चीन की सीमा विवाद का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा, हम लगातार अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ाएंगे जिससे कि सुरक्षा मजबूत की जा सके और विवादों से निपटा जा सके। साथ ही स्थानीय युद्धों में जीत हासिल की जा सके।
 
फाबाओ को हीरो मानता है चीन
हालांकि शी ने स्थानीय युद्ध का ही जिक्र किया, किसी भी देश का नाम नहीं लिया। झड़प में घायल होने के बाद फाबाओ को चीन ने बड़ा ओहदा भी दिया और भारत के खिलाफ रणनीति बनाने वाली टीम में बड़ी जिम्मेदारी दे दी। चीन ने फाबाओ को 2022 विंटर ओलंपिक में ओपनिंग और क्लोजिंग सिरेमनी में मसाल थमाने की घोषणा की थी। इसी के बाद भारत ने ओपनिंग और क्लोजिंग सिरेमनी का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी थी। बीजिंग गेम्स के लिए 1200 लोगों ने मसाल थामी थी जिनमें से की फाबाओ एक थे।

गलवान घाटी की झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे। वहीं चीन के भी चार सैनिक मारे गए थे। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि चीन ऐसे समारोह में भी राजनीति कर रहा है। पीएलए और पीएपी की 25 इलेक्टोरल यूनिट से की का नाम इस बैठक के लिए चुना गा था। चीन की न्यूज एजेंसी के मुताबिक इस बैठक में शामिल होने के लिए सीपीसी का सदस्य होना जरूरी है। इसके अलावा भी कई कई पैमाने होते हैं जिनपर खरा उतरना जरूरी होता है।

 

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