नई दिल्ली।
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात सितरंग के 25 अक्टूबर तक यानी दीपावली के बाद पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तटों तक पहुंचने की संभावना है। आईएमडी ने एक बयान में कहा कि गुरुवार को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बना है और इसके 24 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 22 अक्टूबर के आसपास पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अवसाद के रूप में विकसित होने की संभावना है। विश्व मौसम विज्ञान विभाग (WMO) के दिशा-निर्देशों के अनुसार थाईलैंड इस चक्रवात का नाम सितरंग दिया है।
24 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य और इससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान में तेजी आने की संभावना है। इसके बाद इसके धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने और ओडिशा को पार करते हुए पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तट के पास 25 अक्टूबर तक पहुंचने की संभावना है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई को यह जानकारी दी है। हालांकि, उन्होंने कहा कि आईएमडी ने अभी तक चक्रवात के संभावित तीव्र बारिश, तीव्रता और हवा की गति पर कोई पूर्वानुमान नहीं लगाया है।
1891 से 2021 के बीच अक्टूबर महीने में अब तक 15 चक्रवात ओडिशा तट को पार कर चुके हैं। बंगाल की खाड़ी के इतिहास में अक्टूबर महीने में सबसे तीव्र सुपरसाइक्लोन 1999 में बना था।
मौसम विभाग ने कहा है कि यह प्रणाली कुछ ही दूरी पर ओडिशा तट से गुजरेगी। ओडिशा में 23 अक्टूबर से अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। ओडिशा ने अपने आपदा प्रबंधन तंत्र को किसी भी घटना के लिए तैयार रखा है। चक्रवात के राज्य के तटीय क्षेत्र से बाहर निकलने की संभावना है इसके बावजूद ओडिशा में 24 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को बहुत भारी वर्षा होगी। अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और दिवाली पर बारीकी से निगरानी करने के लिए कहा गया है।
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