Marriage Bill: मैरिज बिल की जांच कर रहे संसदीय पैनल को मिला 3 महीने का विस्तार

देश

 नई दिल्ली
 राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक 2021 की जांच करने वाली संसदीय पैनल को महीने का विस्तार दिया है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने चाइल्ड मैरिज बिल-2021 को एक और विस्तार देते हुए 3 महीना बढ़ा दिया है। इस मैरिज बिल में महिलाओं के लिए शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष करने का प्रस्ताव दिया गया है। ये विस्तार 24 अक्टूबर से तीन महीने के लिए बढ़ाया गया है। मार्च 2022 के मध्य में तीन महीने के लिए इस बिल को पहला विस्तार दिया गया था। उसके बाद मैरिज बिल के संसदीय पैनल को ये दूसरा विस्तार मिला है।
 
राज्यसभा सचिवालय "बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक, 2021" पर कहा, ''राज्य सभा के माननीय सभापति ने परीक्षा और प्रस्तुतिकरण के लिए शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा और खेल संबंधी विभाग से संबंधित संसदीय स्थायी समिति को 24 अक्टूबर 2022 से तीन महीने की अवधि के लिए और विस्तार दिया है।'' इस संसदीय पैनल ने हाल ही में एक नए अध्यक्ष की नियुक्ति की थी। पहले के अध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे राज्यसभा से सेवानिवृत्त हुए और उनकी जगह भाजपा सांसद विवेक ठाकुर आए हैं।

बता दें कि बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक पिछले शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किया गया था। सरकार ने इसकी शुरूआत के तुरंत बाद इसे संसदीय जांच के लिए एक स्थायी समिति के पास भेज दिया था। शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति, जिसे पिछले मानसून सत्र में अपनी रिपोर्ट देनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। रिपोर्ट के मुताबिक विनय सहस्रबुद्धे की सेवानिवृत्ति के बाद समिति के पास कोई अध्यक्ष नहीं था। 'बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक 2021' में लड़कियों की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 साल करने का प्रस्ताव है, जिसको लेकर विवाद भी हुआ था।

 

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