ग्वालियर
दिवाली के मौकों पर प्रदूषण और सेहत दोनों का ख्याल रखते हुए कई जगह अलग-अलग तरह के प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। इस सूची में अब ग्वालियर का नाम भी जुड़ गया है। यहां के जिला प्रशासन ने दीपावली के मौके पर नगर निगम सीमा में आतिशबाजी करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। शहर में लोग दीपावली के मौके पर आतिशबाजी नहीं कर सकेंगे। जबकि नगर निगम सीमा के बाहर (ग्रामीण क्षेत्र) रात आठ से दस बजे के बीच लोगों को ग्रीन आतिशबाजी की छूट दी गई है।
पटाखों की बिक्री से हटा प्रतिबंध शब्द
मालूम हो कि व्यापारिक संगठनों के विरोध के बाद जिला प्रशासन ने आतिशबाजी के प्रतिबंध पर संसोधित आदेश जारी किया, जिसमें विक्रय पर प्रतिबंध के शब्द को हटा दिया गया। इससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है क्योंकि प्रतिबंध होने से करोड़ों का नुकसान हो सकता था।
प्रदूषण पर नकेल कसने के लिए उठाए जा रहे कदम
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में मप्र सरकार के गृह विभाग ने 20 अक्टूबर, 2022 को मानक संचालक प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसके अनुसार दीपावली पर रात आठ से 10 बजे तक सिर्फ उन शहरों में ग्रीन पटाखों का उपयोग किया जा सकेगा जिन शहरों में नवंबर, 2021 में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स) मध्यम या उससे कम रहा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक जिन शहरों में खराब और उससे नीचे रहा है वहां आतिशबाजी पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा।
ग्वालियर का एक्यूआइ बहुत खराब
गौरतलब है कि पिछले साल इस दरमियान ग्वालियर का एक्यूआइ काफी खराब रहा था, जिसके चलते पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगाया गया है। अपर कलेक्टर इछित गढ़पाले का कहना है कि आदेश से विक्रय शब्द को हटा दिया है इसलिए पटाखों के विक्रय प्रतिबंधित नहीं है।
ग्वालियर का एक्यूआइ 208 बना प्रतिबंध का कारण
शासन के नवंबर, 2021 की वायु गुणवत्ता सूचकांक सूची के अनुसार ग्वालियर का एक्यूआइ 208 (पीएम 2.5) और सिंगरोली का 248 था। इसी को आधार बनाकर इस साल दीपावली पर आतिशबाजी पर शहर क्षेत्र में प्रतिबंध जारी किया है।
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