लंदन
यूनाइटेड किंगडम में खाद्य असुरक्षा की वजह से लाखों लोग दिन का खाना नहीं खा पा रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में स्थिति और खराब हुई है। खासकर जब से रूस ने यूक्रेन पर हमला बोला है। लड़ाई लगने के बाद से यूनाइटेड किंगडम में लोग भपरपेट भोजन नहीं कर पा रहे हैं। शुरू में कोरोना वायरस महामारी ने देश की अर्थ व्यवस्था को बड़ा झटका दिया था अब यूक्रेन में जंग की वजह से खाने-पीने के सामानों की आपूर्ति गंभीर तरीके से प्रभावित हुई है।
फ़ूड फाउंडेशन चैरिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन में जंग का यूनाइटेड किंगडम पर सीधा असर पड़ा है। जिसकी वजह से देश में महंगाई भी बढ़ गई है। स्थिति यह हो गई है कि सितंबर के महीने में कम आय वाले पांच परिवारों में से एक को भोजन की कमी का सामना करना पड़ा है। आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर में 18 प्रतिशत परिवारों को अपने भोजन में कमी करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। जबकि छह प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनका पूरा दिन बिना खाना खाए ही निकल जाता है।
खाद्य असुरक्षा के सबसे खराब दौर में यूनाइटे किंगडम
रिपोर्ट की मानें तो यूनाइटेड किंगडम खाद्य असुरक्षा के सबसे खराब दौर से गुजर रहा है। 2022 की शुरुआत से ही देश में खाद्य और ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। जहां सरकार ने समस्या के समाधान के लिए कई उपाय किए हैं, वहीं देश में सबसे कमजोर परिवारों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि खाद्य असुरक्षा की वजह से सबसे ज्यादा मुश्किल बच्चों के सामने हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों ने बच्चों की मुफ्त भोजन की व्यवस्था के लिए सरकार से मांग उठाई है। अधिकांस प्राथमिक स्कूलों में अभी तक इसकी व्यवस्था भी नहीं की गई है।
स्कूल में मुफ्त खाना देने की मांग
द गार्जियन से बात करते हुए चैरिटी के मुख्य कार्यकारी नाओमी डंकन ने बताया, स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। हम सरकार से यह मांक करते हैं कि देश में आर्थिक रूप से कमजोर सभी परिवारों के बच्चों के लिए स्कूल में मुफ्त खाने की व्यवस्था की जाए। ताकि उन तक मदद पहुंचाई जा सके जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
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