तुर्काना
पूर्वी अफ्रीका में सूखा पड़ने की घटनाएं अकसर होती रही हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्थिति बदतर हो गई है. क्षेत्रीय विकास के लिए काम करने वाली संस्था इंटरगवर्नमेंटल अथॉरिटी ऑन डेवलपमेंट (आईजीएडी) के कार्यकारी सचिव वर्केन गेबयेहु ने हाल ही में कहा कि सदस्य देशों सोमालिया, केन्या, युगांडा, जिबूती, इथियोपिया, दक्षिण सूडान और सूडान के 5 करोड़ लोगों के सामने भोजन का संकट पैदा हो गया है. इस मूल्यांकन में आईजीएडी के आठवें सदस्य देश इरीट्रिया को शामिल नहीं किया गया है. वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए बरकरार रखनी होगी मिट्टी की नमी
उत्तरी केन्या के कई इलाके वर्षों से बुरी तरह सूखे का सामना कर रहे हैं. मध्य केन्या के कुछ इलाकों में पर्याप्त मात्रा में अनाज का उत्पादन होता था, लेकिन अब यहां भी स्थिति विकराल होती जा रही है. फसलें सूख रही हैं, पैदावार घट रही है, भुखमरी की स्थिति बढ़ती जा रही है.
केन्या के तुर्काना क्षेत्र में कुछ माता-पिता अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए काफी ज्यादा संघर्ष कर रहे हैं. यहां के निवासी सुसान रोटेली ने डीडब्ल्यू को बताया, "अगर मैं झाड़ियों के बीच से जंगली फल खोजकर न लाऊं, तो इस घर के बच्चों को खाना तक नहीं मिलेगा.”
पशु पालकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले लोगों की स्थिति भी दयनीय हो चुकी है. जो पशु कभी उनकी आय का साधन हुआ करते थे अब उन पशुओं को जिंदा रखना भी बड़ी चुनौती बन गई है. पशुओं की मौत के बाद, उसके मृत शरीर के लिए भी कुछ लोग आपस में लड़ जाते हैं.
जोसेफ इवार भी पशुपालक हैं. इनके भी कई पशुओं की मौत हो गई है. लगातार बिगड़ती स्थिति की वजह से वे असहाय महसूस कर रहे हैं. उन्होंने डीडब्ल्यू को बताया, "सूखे की वजह से मेरे कितने पशुओं की मौत हो गई, इसकी पूरी संख्या मुझे याद नहीं है. यह 100 से ज्यादा ही होगी. अब मेरे पास सिर्फ पांच पशु बचे हैं.”
पशुपालक तेजी से अपने पशुओं को खो रहे हैं
केन्या के तुर्काना क्षेत्र में 5 लाख से ज्यादा लोग भुखमरी का सामना कर रहे हैं. आपदा प्रबंधन और सूखा विभाग के राष्ट्रीय सचिव जेरमिया नामुया ने कहा कि पिछले चार वर्षों से बारिश नहीं होने की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है.
उन्होंने कहा, "सूखे के पीछे की एक बड़ी वजह जलवायु परिवर्तन भी है. इसका बड़ा खामियाजा अफ्रीका की गरीब आबादी को भुगतना पड़ रहा है. मुझे लगता है कि जलवायु परिवर्तन से जुड़ी समस्या को हल करने के मुद्दे पर पूरी दुनिया को विचार करना चाहिए. यह सिर्फ अफ्रीका में नहीं, बल्कि अन्य महाद्वीप के लोगों को भी प्रभावित करता है.”
पड़ोसी देश सोमालिया के कृषि मंत्री अहमद माडोब नुनोव के अनुसार, सूखे की वजह से 70 लाख से ज्यादा लोग मुसीबत में हैं. इन्हें तुरंत सहायता की जरूरत है. अक्टूबर की शुरुआत में नैरोबी में आयोजित आईजीएडी की बैठक में उन्होंने कहा, "इस संकट से निपटने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की जरूरत है. अगर हम तुरंत कुछ नहीं करते हैं, तो देश के कुछ हिस्से अकाल की चपेट में आ जाएंगे.”
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