पटना
बिहार की राजधानी पटना में ट्रैफिक सिस्टम को पूरी तरह ऑटोमैटिक बनाने की तैयारी जोरों पर है। फरवरी 2022 से ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनचालकों का ऑटोमैटिक चालान कटना शुरू हो जाएगा। पटना की सड़कों पर नए साल से करीब 2600 सीसीटीवी कैमरे से निगरानी शुरू हो जाएगी। बिना हेलमेट बाइक-स्कूटर चलाने, ट्रिपल लोडिंग, बिना सीट बेल्ट लगाए कार चलाने वाले, बिना नंबर की गाड़ियां जैसे अन्य ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनचालकों के सीधे घर पर ई-चालान भेजा जाएगा। यातायात अधिकारी सीसीटीवी से राजधानी में जाम की स्थिति पर भी नजर रखेंगे।
पटना में ट्रैफिक लाइट, विशेष यातायात उपकरण सहित सीसीटीवी कैमरा लगाने का काम तेजी से चल रहा है। करीब एक चौथाई काम पूरा हो चुका है, 600 लाइट और कैमरे लगाए भी जा चुके हैं। कुछ वर्ष पहले पटना में बुडको द्वारा जगह-जगह स्वचालित ट्रैफिक सिस्टम लगाया गया था लेकिन देखदेख नहीं होने के कारण करोड़ों की लागत से स्थापित तंत्र धवस्त हो गया। इसकी वजह से प्रमुख चौराहों व व्यस्त सड़कों पर जाम लगना आम बात है। सबसे बुरा हाल कारगिल चौक से एनआइटी मोड़, दीघा, राजा बाजार, पटना जंक्शन चौराहा, बोरिंग रोड, बेली रोड, कंकड़बाग, चिरैयाटाड़ पुल व राजीव नगर क्रासिंग का है।
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड (पीएससीएल) की ओर से 2588 ट्रैफिक लाइट, सीसीटीवी कैमरे व अन्य उपकरण लगाए जाने हैं। अधिकारियों ने बताया कि गांधी मैदान में 39 और अटल पथ पर 35 सीसीटीवी कैमरे सहित अटल पथ पर दो जगहों पर वाहनों की तेज गति की पहचान करने वाले उपकरण लगाए जा चुके हैं।
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