प्रयागराज
मुख्तार अंसारी के बेटे विधायक अब्बास अंसारी और साले आतिफ रजा से ईडी की पूछताछ में कई राज खुले हैं। मनी लॉड्रिंग की जांच में जुटी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम अब मुख्तार और अब्बास के सहयोगियों की गिरफ्तारी की तैयारी में है। यही वजह है कि अब मुख्तार के सहयोगियों को समन भेजा जा रहा है। मुख्तार अंसारी की विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी और उसके साले आतिफ रजा की आगाज कंपनी का लेखाजोखा संभालने वाला चार्टर्ड एकाउंटेंट ईडी का समन मिलते ही खुद को बीमार बताने लगा। इतना ही नहीं लखनऊ के एक अस्पताल में वह भर्ती भी हो गया। जांच में सहयोग न करने पर ईडी अफसर अब उसकी गिरफ्तारी कर सकते हैं।
मुख्तार अंसारी की कंपनियों और एकाउंट से संबंधित काम लखनऊ का एक चार्टर्ड एकाउंटेंट देखता है। विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ ही आतिफ रजा की अन्य कंपनियों का काम भी उसी के हवाले है। मुख्तार के बेटे विधायक अब्बास की गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने इस केस में पूछताछ के लिए सीए को समन भेजा था। ईडी अफसर इंतजार कर रहे थे कि वह बयान दर्ज कराने आएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
नाटकीय घटनाक्रम के तहत वह लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गया। अब ईडी की टीम लखनऊ से जानकारी जुटाने के बाद उसकी गिरफ्तारी कर सकती है। धनशोधन के मामले में सीए का मुख्य रोल बताया जा रहा है। उसी की मदद से काले धन को सफेद करने के लिए कंपनियों में लगाया गया। जिन तथ्यों को अब्बास और आतिफ नहीं बता पा रहे हैं उसकी पूरी जानकारी के लिए सीए से पूछताछ होनी है। एक कंपनी से दूसरी कंपनी में करोड़ों का लेनदेन करने और कंपनी से निजी बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर करने के मामले में पूछताछ होनी है।
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